
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज मंगलवार को अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर जाएंगे और मंदिर के शिखर पर भगवा ध्वज फहराएंगे। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सुरक्षा के लिहाज से पूरे अयोध्या को अभेद्य किले में बदल दिया गया है। एटीएस, एनएसजी और साइबर सुरक्षा टीम पूरी तरह मुस्तैद हैं। एंटी-ड्रोन सिस्टम, स्नाइपर ड्यूटी और 90 तकनीकी विशेषज्ञों को तैनात किया गया है। पीएम मोदी की सुरक्षा के लिए 6970 कर्मियों का सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को ही अयोध्या पहुंच गए और मंदिर परिसर में होने वाले आयोजन की तैयारियों का निरीक्षण किया। उन्होंने मंदिर प्रशासन और जनपद प्रशासन द्वारा किए गए इंतजामों की समीक्षा की।
पीएम मोदी का कार्यक्रम
सुबह करीब 10 बजे पीएम सबसे पहले सप्तमंदिर जाएंगे और महर्षि वशिष्ठ, महर्षि विश्वामित्र, महर्षि अगस्त्य, महर्षि वाल्मीकि, देवी अहिल्या, निषादराज गुहा और माता शबरी मंदिर में श्रद्धा सुमन अर्पित करेंगे। लगभग 11 बजे माता अन्नपूर्णा मंदिर का दौरा करेंगे और फिर राम दरबार गर्भगृह में दर्शन-पूजन करेंगे। दोपहर करीब 12 बजे श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर भगवा ध्वज फहराया जाएगा।
विवाह पंचमी और शुभ मुहूर्त में ध्वजारोहण
यह ध्वजारोहण आयोजन मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी, श्रीराम और माता सीता के विवाह पंचमी के अभिजीत मुहूर्त में किया जाएगा। ध्वज 10 फीट ऊँचा और 20 फीट लंबा तिकोना होगा। इसमें भगवान श्रीराम की प्रतिभा और वीरता का प्रतीक चमकते सूरज की तस्वीर बनी है। ‘ॐ’ चिन्ह और कोविदारा पेड़ की तस्वीर के साथ यह पवित्र भगवा झंडा रामराज्य के आदर्शों, गरिमा, एकता और सांस्कृतिक निरंतरता का संदेश देगा।
मंदिर के शिखर को पारंपरिक उत्तर भारतीय नागर वास्तुकला शैली में तैयार किया गया है। वहीं, चारों ओर बने 800 मीटर लंबे परकोटे में दक्षिण भारतीय आर्किटेक्चरल शैली दिखाई देती है। मंदिर की बाहरी दीवारों पर वाल्मीकि रामायण पर आधारित भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े 87 पत्थर पर उकेरे गए प्रसंग हैं। घेरे की दीवार पर 79 कांस्य-ढाल वाले प्रसंग भारतीय संस्कृति को दर्शाते हैं।
अयोध्या को बनाया गया छावनी
ध्वजारोहण के लिए अयोध्या पूरी तरह सुरक्षा बंदोबस्त में है। बम डिटेक्शन टीम, डॉग स्क्वॉड, वीवीआईपी सुरक्षा निरीक्षण दल, ट्रैफिक मैनेजमेंट, फायर यूनिट और रिस्पॉन्स टीम तैनात हैं। माइंस टीम, बीडीएस यूनिट, एक्स-रे मशीन, सीसीटीवी मॉड्यूल, हाई रिस्पॉन्स वैन, पेट्रोलिंग यूनिट और एंबुलेंस यूनिट्स भी तैनात हैं। हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्शन, वाहन माउंटेड स्कैनर और बैगेज एक्स-रे स्कैनर की सुविधा भी सुनिश्चित की गई है।
सुरक्षा व्यवस्था के प्रमुख आंकड़े
14 SP, 30 ASP, 90 DSP
242 इंस्पेक्टर (पुरुष), 1060 उप निरीक्षक, 80 महिला उप निरीक्षक
3090 पुरुष हेड कांस्टेबल, 448 महिला हेड कांस्टेबल
यातायात के लिए 16 ट्रैफिक इंस्पेक्टर, 130 ट्रैफिक सब इंस्पेक्टर, 820 ट्रैफिक जवान
विशेष सुरक्षा यूनिट्स:
2 एटीएस टीम, 2 एनएसजी स्नाइपर टीम, 1 एंटी-ड्रोन यूनिट
90 तकनीकी विशेषज्ञ, 4 साइबर कमांडो
ध्वजारोहण में कुल सुरक्षा कर्मी: 6970
ड्रोन निगरानी और इलेक्ट्रॉनिक निगरानी
2 एटीएस टीम, लगभग 90 तकनीकी सदस्य
एंटी-ड्रोन सिस्टम, 4 साइबर कमांडो
पार्किंग और भीड़ नियंत्रण के लिए 38 कर्मी
वीआईपी रूट और मंदिर सुरक्षा के लिए विशेष प्रोटोकॉल
स्नाइपर और हाई ग्राउंड सर्विलांस
अतिरिक्त सुरक्षा उपाय
एक्सेस कंट्रोल 16 सेट
स्पाटर डिटेक्टिव ड्यूटी 15 यूनिट
फायर ब्रिगेड 4, पायलट वाहन यूनिट 12
डीएफएमडी 105, एचएचएमडी 380
वाहन माउंटेड जैमर 1
नागरिक पुलिस 5784, यातायात पुलिस 1186
अयोध्या में यह ध्वजारोहण कार्यक्रम ऐतिहासिक होने के साथ-साथ पूरी तरह संरक्षित और सुरक्षित तरीके से आयोजित किया जाएगा।














