
मेरठ के चर्चित ‘नीले ड्रम हत्याकांड’ में एक बार फिर कोर्ट परिसर में भावनात्मक और तनावपूर्ण माहौल देखने को मिला। आरोपी मुस्कान रस्तोगी को उसके प्रेमी साहिल शुक्ला और उनकी छह माह की मासूम बच्ची के साथ अदालत में पेश किया गया। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच कोर्ट को छावनी में तब्दील कर दिया गया था। इस दौरान मृतक सौरभ राजपूत की मां रेनू देवी का दर्द सबके सामने फूट पड़ा, जिनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया। उनका वीडियो भी सामने आया जो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
कोर्ट परिसर में रेनू देवी बार-बार भावुक होकर कहती रहीं, “मेरे बेटे को बेरहमी से मार डाला… वह हर महीने 50 हजार रुपये घर भेजता था, फिर भी उसे मौत दे दी गई।” उन्होंने आरोपियों के लिए कड़ी सजा की मांग करते हुए कहा कि दोनों को फांसी दी जानी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मुस्कान के परिवार के कुछ लोग भी इस मामले में शामिल हो सकते हैं, लेकिन उन पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
अदालत में पेशी के दौरान सुरक्षा के बीच आरोपी लाए गए। साहिल शुक्ला सफेद टी-शर्ट और कैप में नजर आया, जबकि मुस्कान काले मास्क से अपना चेहरा ढके हुए थी और उसकी गोद में छह महीने की बच्ची थी। दोनों को भारी पुलिस सुरक्षा में कोर्ट लाया गया और पेश किया गया।
कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान दोनों आरोपियों से करीब 32-32 सवाल पूछे गए। साहिल ने अपने बचाव में गवाह पेश करने की अनुमति मांगी, जबकि मुस्कान ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
पीड़ित परिवार का दर्द अदालत में छलका
जैसे ही दोनों आरोपी कोर्ट में पेश हुए, वहां मौजूद सौरभ राजपूत की मां रेनू देवी और उनके भाई राहुल भावुक हो उठे। मां की चीख-पुकार और रोने से पूरा माहौल गमगीन हो गया। उन्होंने एक बार फिर आरोपियों के लिए फांसी की सजा की मांग दोहराई और कहा कि उनके बेटे की हत्या बेहद निर्मम तरीके से की गई है, जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।
क्या है पूरा मामला?
यह दिल दहला देने वाली वारदात 3 मार्च 2025 को मेरठ के ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र में सामने आई थी। आरोप है कि मुस्कान रस्तोगी ने अपने प्रेमी साहिल शुक्ला के साथ मिलकर अपने पति सौरभ राजपूत की हत्या की साजिश रची और उसे अंजाम दिया। बताया जाता है कि हत्या के बाद शव के टुकड़े किए गए और उन्हें नीले ड्रम में डालकर सील कर दिया गया था।
पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले में 19 मार्च 2025 को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद से अब तक की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चल रही थी, लेकिन इस बार दोनों को पहली बार व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश किया गया।














