
हाथरस जिले के सिकंदराराऊ में शनिवार को जिलाधिकारी अतुल वत्स, पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा और सीएमओ ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्थित ट्रॉमा सेंटर का औचक निरीक्षण किया। अचानक हुए इस निरीक्षण से स्वास्थ्य कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। डीएम ने ट्रॉमा सेंटर की सफाई व्यवस्था और समग्र प्रबंधन का जायजा लेते हुए कई कमियों पर असंतोष जताया और तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
अस्पताल में स्वच्छता और पशु-नियंत्रण पर सख्त निर्देश
निरीक्षण के दौरान डीएम ने चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आर.के. वर्मा को साफ शब्दों में कहा कि अस्पताल परिसर में किसी भी हाल में जानवरों का प्रवेश न होने दिया जाए। उन्होंने कहा कि यह एक स्वास्थ्य संस्थान है और यहां स्वच्छता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। डीएम ने वॉर्ड, एक्स-रे रूम, प्रोमाइजर रूम और ऑपरेशन थिएटर का बारीकी से निरीक्षण करते हुए स्टाफ को निर्देश दिया कि हर क्षेत्र में स्वच्छता बनाए रखी जाए और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डीएम ने लिया मानव संसाधन और उपकरणों का ब्यौरा
निरीक्षण के दौरान डीएम अतुल वत्स ने ट्रॉमा सेंटर में मौजूदा मानव संसाधन और आवश्यक उपकरणों की स्थिति की जानकारी ली।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वर्मा ने बताया कि केंद्र में कई महत्वपूर्ण पद रिक्त चल रहे हैं —
हड्डी रोग विशेषज्ञ: स्वीकृत 2 पदों में से 1 कार्यरत
जनरल सर्जन: दोनों पद रिक्त
निश्चेतक: स्वीकृत 2 पदों में से कोई नहीं
ईएमओ: स्वीकृत 3 के सापेक्ष 4 कार्यरत
स्टाफ नर्स: स्वीकृत 15 में से 10
ओटी टेक्नीशियन: स्वीकृत 3, सभी रिक्त
रेडियोग्राफर: स्वीकृत 3, सभी रिक्त
लैब टेक्नीशियन: स्वीकृत 2, सभी रिक्त
नर्सिंग अटेंडेंट: स्वीकृत 9, सभी कार्यरत
मल्टी वर्कर: स्वीकृत 9 में से केवल 3 कार्यरत हैं।
डीएम ने संसाधनों की कमी का ब्यौरा तैयार करने के दिए निर्देश
डीएम अतुल वत्स ने चिकित्सा अधीक्षक को आदेश दिया कि सभी विभागों की कमी और जरूरतों का विस्तृत विवरण सूचीबद्ध कर जल्द से जल्द भेजा जाए। उन्होंने कहा कि शासन को रिपोर्ट भेजकर आवश्यक मानव संसाधन और उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सके।
लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी
निरीक्षण के अंत में डीएम ने यह भी स्पष्ट किया कि अस्पताल की व्यवस्था में कोई भी ढिलाई या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि ट्रॉमा सेंटर जैसी महत्वपूर्ण इकाई में स्वच्छता, स्टाफ की उपलब्धता और मरीजों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता पर रहनी चाहिए।
डीएम अतुल वत्स ने कहा — “अस्पताल लोगों की उम्मीद का केंद्र है। यहां स्वच्छता और अनुशासन सबसे जरूरी है। पशुओं का प्रवेश, गंदगी या स्टाफ की अनुपस्थिति किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी।”














