
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद विनय कटियार ने अयोध्या को लेकर बुधवार को एक तीखा बयान दिया। उन्होंने कहा कि मुसलमानों को अयोध्या से जल्द से जल्द जाना चाहिए क्योंकि इस पवित्र नगरी में किसी भी मस्जिद का निर्माण नहीं होने दिया जाएगा। राम मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे कटियार ने यह टिप्पणी उस समय की, जब उनसे धन्नीपुर मस्जिद की योजना पर प्रशासन द्वारा एनओसी न दिए जाने के संबंध में सवाल पूछा गया।
कटियार ने दो टूक कहा कि बाबरी मस्जिद के स्थान पर या अयोध्या में कहीं और मस्जिद का निर्माण मंजूर नहीं होगा। उन्होंने आगे जोड़ा कि यहां रह रहे मुसलमानों का अयोध्या से कोई नाता नहीं है, इसलिए उन्हें सरयू नदी पार कर शहर खाली करना होगा। कटियार ने यहां तक कहा कि जब मुसलमान अयोध्या छोड़ देंगे, तभी हम पूरे उल्लास से दिवाली का पर्व मना पाएंगे।
राम मंदिर आंदोलन से गहरी जुड़ाव
विनय कटियार लंबे समय तक राम मंदिर आंदोलन का अहम चेहरा रहे हैं। उन्होंने बजरंग दल की स्थापना 1984 में की थी, जो विश्व हिंदू परिषद की युवा शाखा के तौर पर गठित हुआ और कारसेवकों को संगठित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में कटियार भी 32 आरोपियों में शामिल थे, लेकिन 2020 में सीबीआई की विशेष अदालत ने उन्हें और अन्य सभी को बरी कर दिया।
कटियार ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत भाजपा की छात्र इकाई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से की थी। इसके बाद उन्हें 1991, 1996 और 1999 में अयोध्या (तत्कालीन फैजाबाद) से भाजपा सांसद चुना गया। इसके अलावा, वह दो बार राज्यसभा सांसद भी रहे – 2006 से 2012 और 2012 से 2018 तक।
सपा सांसद ने किया पलटवार
कटियार के इस बयान पर समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद अवधेश प्रसाद ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कटियार का दिमाग अब कमजोर हो गया है और उनकी बातें गंभीरता से नहीं लेनी चाहिए। प्रसाद ने स्पष्ट कहा कि भारत किसी एक धर्म का देश नहीं है, बल्कि यहां हर धर्म और समुदाय के लोग समान अधिकारों के साथ रहते हैं। उन्होंने कटियार को सलाह दी कि वे ऐसे बयान देने के बजाय अपनी सोच पर ध्यान दें।














