
उत्तर प्रदेश के बरेली में शुक्रवार की जुमे की नमाज के बाद उठे उत्पात के सिलसिले में आईएसपी (IMC) के नेता मौलाना तौकीर रजा को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। शनिवार तड़के करीब पांच बजे उनका मेडिकल परीक्षण किया गया और सुबह छह बजे उन्हें कोर्ट में पेश कर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। अब अधिकारियों ने सुरक्षात्मक कारणों से उन्हें जोधपुर की बजाय सीतापुर जेल में भेजने का निर्णय लिया है।
घटना के दौरान हुई हिंसा में कई स्थानों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुईं। पथराव और हाथापाई में कम से कम 15 पुलिसकर्मी घायल हुए, जिनका जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण करवा दिया गया है। साथ ही मौलाना के सात समर्थकों का भी मेडिकल कराया गया है; इन पर भी गिरफ़्तारी एवं जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है।
बरेली में नौबत तब भड़क उठी जब नमाज के बाद कोतवाली के खलील तिराहे से उकसावे की घटनाएँ शुरू हुईं और जल्दी ही कई इलाकों में पुलिस पर पथराव और गोली चलाने की सूचना मिली। प्रशासन ने तुरंत कड़ी सुरक्षा दल तैनात कर इलाके को नियंत्रण में लाने की कवायद तेज कर दी है।
मौलाना तौकीर रजा का नाम पहले भी 2010 के भिड़ंत के आरोपों में जुड़ा रहा है और वह उस मामले में अदालत के समक्ष लंबित आरोपी हैं। इसके अलावा ज्ञात रहे कि उन्होंने ज्ञानवापी प्रकरण के बाद जेल भरो जैसी नारेबाज़ी और आंदोलनों की घोषणाएँ भी की थीं, तथा समय-समय पर विवादित बयानबाज़ी के चलते चर्चित रहे हैं।
राज्य सरकार भी घटनास्थल पर सक्रिय रही। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देर रात कानून-व्यवस्था की समीक्षा की और शनिवार सुबह अधिकारियों से वर्तमान स्थिति की रिपोर्ट ली। सीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि उपद्रवियों के खिलाफ तेज और निर्णायक कार्रवाई की जाए और किसी भी तरह की अराजकता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दशहरा के पर्व पर शांति बनाए रखना महत्वपूर्ण है और कानून का उल्लंघन करने वालों पर ऐसी कार्रवाई हो कि वे दोबारा ऐसा करने का साहस न कर सकें।
प्रशासन की ओर से कहा गया है कि स्थिति नियंत्रण में लाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी। वहीं स्थानीय लोग और सामाजिक संगठन घटनाक्रम से चिंतित दिख रहे हैं और जल्द शांति लौटने की अपेक्षा जता रहे हैं।














