
अयोध्या के भव्य राम मंदिर के मुख्य शिखर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को धर्मध्वजा फहराई। इसी ऐतिहासिक मौके पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट साझा किया, जिसने सियासी गलियारों में खासी हलचल मचा दी। इस पोस्ट में उन्होंने इटावा में निर्माणाधीन ‘श्री केदारेश्वर महादेव मंदिर’ का जिक्र किया और साथ ही इशारों-इशारों में अन्य मंदिरों के दर्शन और संकल्प पूरा करने की बात कही।
सपा प्रमुख ने पोस्ट में लिखा, “पूर्णता ही पूर्णता की ओर ले जाती है। ईश्वरीय प्रेरणा से इटावा में निर्माणाधीन ‘श्री केदारेश्वर महादेव मंदिर’ के पूर्ण होने पर अन्य मंदिरों के दर्शन का संकल्प भी पूर्ण करेंगे। आस्था जीवन को सकारात्मकता और सद्भाव से भरने वाली ऊर्जा का नाम है। दर्शन के लिए ईश्वरीय इच्छा ही मार्ग बनाती है, वही बुलाती है। सच तो यह है कि हम सब बस ईश्वर द्वारा बनाए गए मार्ग पर चलते हैं। आस्थावान और सकारात्मक बने रहें।”
इस पोस्ट के जरिए अखिलेश यादव ने अप्रत्यक्ष रूप से यह संकेत दिया कि वे राम मंदिर दर्शन के अपने संकल्प को पूरा करेंगे। पिछले साल अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा और अब ध्वजारोहण समारोह के दौरान समाजवादी पार्टी और भाजपा के बीच राजनीतिक सियासत भी चर्चा में रही है। भाजपा नेता अक्सर सपा प्रमुख से यह सवाल उठाते रहे हैं कि वे अब तक राम मंदिर में दर्शन क्यों नहीं गए।
बता दे, दो दिन पहले अयोध्या से सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने ध्वजारोहण समारोह में न्योता न मिलने का आरोप लगाते हुए कहा था कि उन्हें न्योता मिलने पर वे कामधाम छोड़कर नंगे पांव राम मंदिर में दर्शन करने जाएंगे।
अखिलेश यादव ने हाल ही में एक साक्षात्कार में स्पष्ट किया था कि राम मंदिर का निर्माण पूरा होने के बाद ही वे वहां दर्शन करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इटावा में श्री केदारेश्वर महादेव मंदिर का निर्माण जल्द पूरा होने वाला है और उसके बाद वे अपने परिवार के साथ वहां दर्शन करने जाएंगे। इटावा में यह मंदिर सफारी पार्क के सामने स्थित है और स्थानीय लोगों के लिए आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र बनता दिख रहा है।














