
भारत और पाकिस्तान के बीच 14 सितंबर को दुबई में होने वाले क्रिकेट मुकाबले ने राजनीतिक बहस को गरमा दिया है। शिवसेना (यूबीटी) ने इस मैच का खुलकर विरोध करते हुए आंदोलन की घोषणा की है। इस रुख का समाजवादी पार्टी (सपा) ने भी समर्थन किया है। महाराष्ट्र में सपा के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक अबू आजमी ने साफ कहा कि जब पाकिस्तान से आतंकी घटनाएं हो रही हैं, तब उससे क्रिकेट खेलना देश के साथ अन्याय है।
अबू आजमी का तीखा बयान
अबू आजमी ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा, “पहलगाम में हुए आतंकी हमले में कई निर्दोष लोगों की जान गई। उस समय सरकार ने वादा किया था कि पाकिस्तान को कड़ा जवाब दिया जाएगा और पूरा देश सरकार के साथ खड़ा था। तुर्की ने पाकिस्तान का समर्थन किया तो हमने तुर्की का सामान बहिष्कार किया, चीन ने पाकिस्तान का पक्ष लिया फिर भी हम उससे दोस्ती निभा रहे हैं। यह दोहरी नीति समझ से परे है। जब पाकिस्तान से आतंकवादी आ रहे हैं तो क्रिकेट मैच कैसे संभव है? इस मामले में मैं संजय राउत के बयान का समर्थन करता हूं।”
शिवसेना (यूबीटी) की कड़ी आपत्ति
इधर शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने भी भारत-पाक मैच का पुरजोर विरोध किया। उन्होंने ऐलान किया कि पार्टी “सिंदूर रक्षा अभियान” चलाएगी। गुरुवार (11 सितंबर) को राउत ने कहा, “पहलगाम में जिस तरह महिलाओं का सिंदूर उजाड़ा गया, उनकी पीड़ा आज भी खत्म नहीं हुई है। ऐसे हालात में पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलना बेशर्मी और देशद्रोह से कम नहीं है। ऑपरेशन सिंदूर अब भी अधूरा है।”
“खून और क्रिकेट एक साथ नहीं चल सकते” – राउत
संजय राउत ने बीजेपी और उसके सहयोगी संगठनों पर भी सवाल दागे। उन्होंने कहा, “बीजेपी, आरएसएस और बजरंग दल बताएं कि इस पर उनका क्या रुख है? क्या आपने खुद नहीं कहा था कि पाकिस्तान से कोई रिश्ता नहीं रखेंगे, न पानी साझा होगा और न खून? फिर क्रिकेट के मैदान पर यह दोस्ती क्यों? हमारी महिलाएं सड़कों पर उतरेंगी, हजारों की संख्या में नरेंद्र मोदी को सिंदूर भेजेंगी, ताकि उन्हें याद दिलाया जा सके कि सिंदूर सिर्फ राजनीति का विषय नहीं है।”
राउत ने आगे आरोप लगाया कि बीजेपी नेताओं के परिवारजन तो स्टेडियम में बैठकर मैच देखेंगे, जबकि आम नागरिकों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया जाएगा। उन्होंने इसे राष्ट्रहित के खिलाफ और देश के शहीदों का अपमान करार दिया।














