
उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन माहौल उस वक्त गरमा गया, जब कथित कोडिनयुक्त कफ सिरप के मुद्दे पर विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया। विपक्ष के सवालों का सामना करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद आगे आए और सदन में इस मामले पर सरकार की कार्रवाई का ब्यौरा रखा। इसी दौरान उन्होंने बिना नाम लिए समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला, जिसके बाद सियासी बयानबाजी और तेज हो गई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सदन में कहा कि देश में इस समय “दो नमूने” हैं। एक दिल्ली में बैठा है और दूसरा लखनऊ में। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब भी देश में कोई बड़ा मुद्दा या संकट सामने आता है, तो ये लोग चर्चा से बचते हुए देश छोड़कर बाहर निकल जाते हैं। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि ऐसा ही हाल “आपके बबुआ” का भी होगा, जो मौका मिलते ही इंग्लैंड की सैर पर निकल जाएंगे और पीछे यहां उनके समर्थक शोर मचाते रहेंगे।
कोडीन कफ सिरप से उत्तर प्रदेश के अंदर कोई मौत नहीं हुई है...
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) December 22, 2025
देश के अंदर दो नमूने हैं, एक दिल्ली में और एक लखनऊ में बैठते हैं,
जब देश में कोई चर्चा होती है तो वह तुरंत देश छोड़कर भाग जाते हैं... pic.twitter.com/vv0eabVu2S
योगी आदित्यनाथ ने अपने बयान को आगे बढ़ाते हुए कहा कि देश जब कठिन दौर से गुजरता है, तब दिल्ली और पटना में बैठे कुछ नेता विदेश यात्रा पर निकल पड़ते हैं। मुख्यमंत्री के इस बयान को विपक्ष की ओर सीधा राजनीतिक हमला माना गया और इसे लेकर सपा खेमे में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली।
सीएम योगी के इस बयान पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पलटवार किया। अखिलेश ने अपने पोस्ट में लिखा, “आत्म-स्वीकृति! किसी को उम्मीद नहीं थी कि दिल्ली और लखनऊ की लड़ाई यहां तक पहुंच जाएगी।” उन्होंने संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों से मर्यादा बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि उन्हें आपसी विवादों को सार्वजनिक मंचों पर लाने से बचना चाहिए।
अखिलेश यादव ने अपने संदेश में आगे लिखा कि भाजपा को अपनी पार्टी के अंदर चल रही खींचतान को चौराहे पर लाने से परहेज करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर किसी को यह सब बुरा लग गया, तो “वापस जाना पड़ सकता है।” अखिलेश के इस बयान को मुख्यमंत्री के तंज का करारा जवाब माना जा रहा है, जिससे प्रदेश की सियासत में बयानबाजी का दौर और तेज हो गया है।
आत्म-स्वीकृति!
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) December 22, 2025
किसी को उम्मीद नहीं थी कि दिल्ली-लखनऊ की लड़ाई यहाँ तक पहुँच जाएगी। संवैधानिक पदों पर बैठे लोग आपस में कुछ तो लोक-लाज रखें और मर्यादा की सीमा न लाँघें। भाजपाई अपनी पार्टी के अंदर की खींचातानी को चौराहे पर न लाएं। कहीं कोई बुरा मान गया तो वापस जाना पड़ेगा। pic.twitter.com/99SMGEgD7M














