
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों को लेकर राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। टीएमसी की करारी हार के बाद राज्य की सियासत गरम है और ममता बनर्जी पहले ही मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से इनकार कर चुकी हैं। इसी बीच समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी खुलकर ममता बनर्जी के पक्ष में बयान दिया है। मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से मांग की कि पश्चिम बंगाल में हुई मतगणना की सीसीटीवी फुटेज को देश के सामने लाइव सार्वजनिक किया जाए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वे ममता बनर्जी को नैतिक समर्थन देने के लिए स्वयं पश्चिम बंगाल का दौरा करेंगे।
सुप्रीम कोर्ट से मतगणना की CCTV फुटेज जारी करने की मांग
प्रेस वार्ता के दौरान अखिलेश यादव ने चुनाव परिणामों पर असंतोष जताते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट को हस्तक्षेप करना चाहिए और बंगाल में हुई मतगणना की पूरी सीसीटीवी रिकॉर्डिंग जनता के सामने लाइव उपलब्ध करानी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि SIR प्रक्रिया के तहत जिन सीटों पर वोटों में कटौती हुई, वहां 20 हजार से अधिक सीटों पर बीजेपी की जीत दर्ज हुई है, जिस पर गंभीर सवाल उठते हैं।
अखिलेश ने आगे कहा कि पश्चिम बंगाल से उन्हें जो राजनीतिक अनुभव मिला है, उसका उपयोग वह उत्तर प्रदेश में और अधिक मजबूती से करेंगे। उन्होंने दावा किया कि 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि वे स्वयं बंगाल जाएंगे और वहां की स्थिति को करीब से समझेंगे।
भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव हारने के बाद कुछ स्थानों पर पार्टी कार्यालयों में आगजनी जैसी घटनाएं हो रही हैं, जो लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है। उनका कहना था कि “जो हार गया, उसका सब कुछ खत्म कर देने” की प्रवृत्ति को दुनिया देख रही है।
माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी की प्रेस वार्ता - 06/05/2026 https://t.co/uudH0eT1td
— Samajwadi Party (@samajwadiparty) May 6, 2026
आईपीएसी और रणनीतिक एजेंसी पर भी टिप्पणी
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने आईपीएसी (IPAC) के साथ करार समाप्त होने को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि आईपीएसी ने कुछ समय तक काम किया, लेकिन बाद में संसाधनों और फंड की कमी के कारण सहयोग जारी नहीं रह सका। उन्होंने यह भी बताया कि अब पार्टी किसी दूसरी रणनीतिक एजेंसी के साथ काम करने पर विचार कर रही है।
इसके साथ ही उन्होंने एक अन्य कंपनी पर आरोप लगाया कि वह सीधे तौर पर सरकार के पक्ष में काम कर रही है और सूचना विभाग के बजट का बड़ा हिस्सा, लगभग 90 प्रतिशत, उसी एजेंसी को जा रहा है। चुनाव आयोग को लेकर टिप्पणी करते हुए उन्होंने तीखा तंज कसते हुए कहा कि आयोग “सोनपापड़ी” जैसा हो गया है और लगातार एकतरफा बातें सामने आ रही हैं।
‘भाजपा का 10 नंबरी मॉडल लोकतंत्र के लिए खतरा’ – अखिलेश यादव
अखिलेश यादव ने अपने बयान में बीजेपी पर हमले जारी रखते हुए कहा कि यह पार्टी का “10 नंबरी मॉडल” है, जिसने पूरे लोकतांत्रिक ढांचे को प्रभावित किया है। उनके अनुसार यह मॉडल चुनाव प्रक्रिया को नियंत्रित करने और राजनीतिक संतुलन को प्रभावित करने की कोशिश करता है।
उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी को हर चुनाव में वोट प्रतिशत के लिहाज से बढ़त मिलती रही है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि 2024 के उपचुनावों में सपा को करीब 12 प्रतिशत वोट मिले, जबकि बीजेपी को लगभग 77 प्रतिशत वोट प्राप्त हुए, जिसे उन्होंने असामान्य बताया।
उत्तर प्रदेश चुनावों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हार का अंतर काफी बड़ा था, लेकिन इसके बावजूद जनता का समर्थन लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने धार्मिक संदर्भ जोड़ते हुए कहा कि “प्रभु श्री राम का आशीर्वाद समाजवादी पार्टी के साथ है।”
इसके साथ ही उन्होंने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अयोध्या क्षेत्र में गरीबों की जमीनों पर कथित रूप से कब्जा किया गया और आम लोगों के साथ अन्याय हुआ। उन्होंने दावा किया कि सत्ता में बने रहने के लिए बीजेपी ने हर संभव राजनीतिक रणनीति अपनाई, जिसका असर लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर पड़ा है।














