
आगरा से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक डॉक्टर के बेटे ने अपनी ही जिंदगी खत्म कर ली। बताया जा रहा है कि युवक ने अपने पिता की लाइसेंसी रिवॉल्वर से खुद को गोली मार ली। कनपटी पर गोली लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के समय वह कमरे में अकेला था और गोली चलने की आवाज सुनकर जब परिवार के लोग अंदर पहुंचे तो वह खून से लथपथ हालत में पड़ा मिला। यह दृश्य देखकर घरवालों के होश उड़ गए।
परिजन तुरंत उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद युवक को मृत घोषित कर दिया। इस हादसे के बाद पूरे परिवार में मातम छा गया है और घर का माहौल शोक में डूब गया है। शुरुआती जांच में कुछ ऐसे पहलू सामने आए हैं, जो इस घटना की वजह की ओर इशारा करते हैं, हालांकि पुलिस अभी हर एंगल से मामले की जांच कर रही है।
यह घटना खेरागढ़ थाना क्षेत्र के सतोली गांव की बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, पशु चिकित्सक संजय सिकरवार का गांव में ही क्लिनिक है। शनिवार 2 मई की सुबह अचानक घर के भीतर से गोली चलने की आवाज आई। आवाज सुनते ही परिवार के सदस्य घबराकर कमरे की ओर दौड़े, जहां 22 वर्षीय अनुज गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़ा था। उसके सिर से लगातार खून बह रहा था।
परिवार ने बिना देर किए उसे अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे बचाने में असमर्थता जताई। अनुज बीएससी एग्रीकल्चर फाइनल ईयर का छात्र था और पढ़ाई में ठीक-ठाक बताया जा रहा है। पुलिस को मौके से पिता की लाइसेंसी रिवॉल्वर मिली है, जिससे युवक ने खुद को गोली मारी।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि अनुज को ऑनलाइन गेम खेलने का शौक था। इसके अलावा वह आगे की पढ़ाई और करियर के लिए विदेश जाना चाहता था, लेकिन परिवार इस फैसले के पक्ष में नहीं था। माना जा रहा है कि इसी बात को लेकर वह मानसिक रूप से परेशान था, हालांकि पुलिस ने अभी किसी ठोस कारण की पुष्टि नहीं की है और जांच जारी है।
इस घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। बताया गया है कि संजय सिकरवार के दो बेटे हैं, जिनमें बड़ा बेटा सेना में कार्यरत है, जबकि अनुज छोटा बेटा था और अपनी पढ़ाई पूरी कर रहा था। उसके अचानक उठाए गए इस कदम ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
फिलहाल पुलिस इस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है, ताकि आत्महत्या के पीछे की असली वजह सामने लाई जा सके। यह घटना एक बार फिर इस बात की याद दिलाती है कि युवाओं के मानसिक दबाव और भावनात्मक स्थिति को समझना कितना जरूरी है।














