
उदयपुर: चर्चित और दिल दहला देने वाले कन्हैयालाल हत्याकांड पर आधारित फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ की रिलीज़ पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक बरकरार रखने के फैसले के बाद पीड़ित परिवार की पीड़ा एक बार फिर सामने आई है। कन्हैयालाल के बड़े बेटे यश साहू ने एक भावनात्मक प्रतिक्रिया देते हुए केंद्र सरकार से फिल्म को रिलीज़ करवाने की गुहार लगाई है, ताकि समाज सच्चाई से रूबरू हो सके और न्याय की एक मजबूत मिसाल कायम हो सके।
बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में इस फिल्म की रिलीज़ को लेकर सुनवाई हुई, जिसमें अदालत ने फिल्म पर अंतरिम रोक को 21 जुलाई तक बढ़ा दिया है। इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए यश साहू ने कहा, "अब यह मामला पूरी तरह केंद्र सरकार के हाथों में है। हमें उम्मीद है कि मोदी सरकार इस पर जल्द और ठोस कदम उठाएगी।"
उन्होंने आगे कहा कि यह फिल्म केवल उनके पिता की नहीं, बल्कि पूरे समाज की आवाज़ है — एक ऐसी करुण पुकार, जिसे दुनिया के सामने आना ही चाहिए। उन्होंने कहा, "हम सरकार से अपील करते हैं कि वह सिर्फ एक परिवार की नहीं, बल्कि एक पूरी सोच की रक्षा करे। यह फिल्म देश को दिखाएगी कि तीन साल पहले हमारे साथ क्या हुआ था, और क्यों आज भी हम न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं।"
“हमें नहीं चाहिए सहानुभूति, चाहिए न्याय” – यश साहू
यश ने सरकार से यह भी मांग की कि इस भीषण हत्याकांड के दोषियों को जल्द से जल्द सज़ा दी जाए, ताकि बाकी देशवासियों को यह संदेश मिले कि कानून से कोई ऊपर नहीं। "हमने अपना सब कुछ खोया है, लेकिन अब और इंतजार नहीं कर सकते।"
बता दें कि 2022 में उदयपुर में हुए कन्हैयालाल हत्याकांड ने पूरे देश को हिला कर रख दिया था। एक दुकान के भीतर हुई इस निर्मम हत्या की वीडियो फुटेज ने इंटरनेट और लोगों के दिलों में गहरा असर छोड़ा था। अब जब इस घटना पर आधारित फिल्म बनने को तैयार है, तो इसे लेकर कानूनी और राजनीतिक बहस भी तेज़ हो गई है।
फिलहाल, केस की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) कर रही है और जयपुर स्थित विशेष NIA कोर्ट में इसकी सुनवाई चल रही है। इस केस में कुल 11 आरोपी हैं, जिनमें से दो पाकिस्तानी नागरिक भी शामिल हैं। इनमें से दो आरोपी ज़मानत पर हैं, जबकि अन्य जेल में बंद हैं। मामले की अगली सुनवाई 21 जुलाई को होनी है।














