
दौसा: इंसानी लापरवाही और एक पल की चूक कैसे किसी की ज़िंदगी छीन सकती है, इसका ताज़ा उदाहरण राजस्थान के दौसा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर हुए एक दर्दनाक हादसे में देखने को मिला। इस भयावह हादसे में एक कार चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो किन्नर गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी लोग जयपुर में आयोजित एक किन्नर सभा से लौट रहे थे और दिल्ली की ओर जा रहे थे। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई और माहौल ग़मगीन हो गया।
सुबह की चाय बनी हादसे की वजह
बांदीकुई थाने के एएसआई रामचरण ने जानकारी दी कि यह हादसा थाना क्षेत्र में एक्सप्रेसवे के पिलर नंबर 158.9 के पास हुआ। शुरुआती जांच में ट्रक ड्राइवर को झपकी आना हादसे का संभावित कारण माना जा रहा है। हादसे की पूरी सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी।
घटना की चश्मदीद नीतू, जो कार में सवार थीं, ने बताया कि जयपुर से लौटते समय लगभग सुबह 5 बजे एक्सप्रेसवे के नीचे एक चाय का ढाबा दिखाई दिया। थकान और सुबह की नींद से उबरने के लिए कार रोक दी गई। गाड़ी में बैठे कुछ किन्नर टॉयलेट के लिए उतरे, बाकी चाय पीने लगे। कार ड्राइवर शहजाद भी बाहर निकलकर चाय की चुस्कियाँ ले रहा था।
एक पल में सब कुछ तबाह कर गया ट्रक
इसी दौरान एक अनियंत्रित ट्रक अचानक आया और कार को कुचलता हुआ पहले से खड़े ट्रक से जा टकराया। टक्कर इतनी भीषण थी कि शहजाद की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, कार में बैठीं दो किन्नर बुरी तरह से फंस गईं। चाय की सुकूनभरी चुस्कियों के बीच अचानक आए इस तूफान ने मौके को चीखों और अफरातफरी में बदल दिया।
स्थानीय लोगों ने दिखाई इंसानियत
हादसे के तुरंत बाद आसपास के लोग घटनास्थल पर पहुंचे और फंसे हुए लोगों को बचाने की कोशिश शुरू की। जान बचाने की गुहार लगाते घायलों को निकालने के लिए लोगों ने एड़ी-चोटी का ज़ोर लगा दिया।
एम्बुलेंस बनी जीवनरेखा
घटना की जानकारी मिलते ही एनएचएआई की एम्बुलेंस मौके पर पहुंची और मृतक शहजाद तथा घायल सोनिया (निवासी नंदनगरी, दिल्ली) और दिलशाद (दौराला, मेरठ) को दौसा जिला अस्पताल पहुंचाया गया। दोनों घायल किन्नरों की हालत गंभीर होने के चलते उन्हें जयपुर रेफर किया गया है। शहजाद का शव मोर्चरी में रखवाया गया है।














