
राजस्थान में निजी बस ऑपरेटरों की हड़ताल ने खाटूश्यामजी के लक्खी मेले में पहुंचे श्रद्धालुओं की आवाजाही को प्रभावित कर दिया है। बड़ी संख्या में देशभर से आए भक्तों को अपने गंतव्य तक लौटने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। हालात को गंभीरता से लेते हुए बीजेपी विधायक बालमुकुंद आचार्य ने परिवहन मंत्री एवं डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा से मुलाकात कर तत्काल समाधान की मांग की।
विधायकों ने स्पष्ट तौर पर कहा कि मेले में उमड़ी भीड़ को देखते हुए परिवहन व्यवस्था मजबूत करना बेहद जरूरी है। इसके बाद डिप्टी सीएम ने अधिकारियों को निर्देश जारी कर रोडवेज बसों के साथ-साथ उपलब्ध निजी मिनी बसों की भी व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
लक्खी मेले में उमड़ा आस्था का सैलाब
खाटूश्यामजी के प्रसिद्ध लक्खी मेले में हर साल की तरह इस बार भी लाखों श्रद्धालु पहुंचे हैं। लेकिन 23 फरवरी की रात 12 बजे से निजी बस संचालकों के हड़ताल पर चले जाने से परिवहन व्यवस्था अचानक प्रभावित हो गई। निजी बसों के पहिए थमने से सबसे ज्यादा परेशानी उन भक्तों को हुई, जो मेले के बाद जयपुर, सीकर, रींगस और अन्य शहरों की ओर लौटना चाहते थे।
स्थिति को देखते हुए विधायक बालमुकुंद आचार्य के साथ सुभाष मील और शत्रुघ्न गौतम ने भी डिप्टी सीएम से मुलाकात की। उन्होंने आग्रह किया कि मेले में आए श्रद्धालुओं के लिए तत्काल अतिरिक्त वाहनों की व्यवस्था की जाए।
“श्रद्धालुओं को सुरक्षित घर पहुंचाना प्राथमिकता”
बालमुकुंद आचार्य ने बताया कि लगातार भक्तों के फोन आ रहे हैं, जो घर वापसी के लिए परिवहन सुविधा की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों से आए श्रद्धालु मेले में दर्शन कर अब अपने गंतव्य की ओर लौटना चाहते हैं, ऐसे में पर्याप्त बसें उपलब्ध कराना जरूरी है।
उन्होंने यह भी कहा कि मंत्री ने आश्वासन दिया है कि अधिकारियों को निर्देश दे दिए गए हैं और जल्द ही अतिरिक्त बसें लगाई जाएंगी। होली के नजदीक होने और मेले की भीड़ को देखते हुए सरकार यात्रियों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने देना चाहती।
अधिकारियों को तत्काल निर्देश
परिवहन मंत्री प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि पैदल आने वाले यात्रियों सहित सभी श्रद्धालुओं के लिए व्यापक व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने संबंधित कमिश्नर को बुलाकर हालात की समीक्षा की और तुरंत अतिरिक्त बसों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
सरकार ने रोडवेज बसों के साथ-साथ सरकारी तंत्र के अंतर्गत उपलब्ध निजी मिनी बसों को भी सेवा में लगाने का निर्णय लिया है। उद्देश्य साफ है—खाटूश्यामजी के मेले में पहुंचे हर श्रद्धालु को सुरक्षित और सुगम यात्रा सुविधा उपलब्ध कराना।














