
राजस्थान के दौसा में शुक्रवार को उस वक्त सनसनी फैल गई जब दिनदहाड़े दो गुटों के बीच जमीन के पुराने विवाद को लेकर झगड़ा इतना बढ़ गया कि नेशनल हाईवे-21 ही रणभूमि बन गया। दोपहर में जब लोग अपने-अपने काम में व्यस्त थे, तभी अचानक लाठी-भाटा युद्ध की आवाजें पूरे इलाके में गूंजने लगीं।
जिले में लगातार हो रही आपराधिक घटनाओं से आमजन पहले ही डरे हुए हैं और अब इस नए घटनाक्रम ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। कुछ दिन पहले ही शहर के बीचोबीच दो पक्षों में झड़प हुई थी, और वह मामला ठंडा भी नहीं हुआ था कि अब दोबारा एक भयावह मंजर देखने को मिला।
दोपहर के करीब, जमीन के कब्जे को लेकर दो पक्ष हाईवे के बीच आमने-सामने आ गए। पहले तीखी बहस हुई, फिर मामला हाथापाई और पत्थरबाजी तक पहुंच गया। करीब 30 मिनट तक दोनों ओर से जबरदस्त पथराव हुआ। राह चलते लोग और वाहन चालक जान बचाकर इधर-उधर भागने लगे। इस अफरातफरी भरे दृश्य ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी।
पुलिस की मौजूदगी में भी नहीं थमे हमले
सूचना मिलते ही दौसा कोतवाली पुलिस और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। लेकिन अपराधियों के हौसले इतने बुलंद थे कि वे पुलिस की मौजूदगी में भी एक-दूसरे पर हमला करते रहे। पुलिस कुछ देर तक मूकदर्शक बनी रही। हालांकि बाद में बड़ी मशक्कत से स्थिति पर काबू पाया गया।

महिलाएं भी उतरीं मोर्चे पर
हैरानी की बात यह रही कि एक पक्ष की ओर से महिलाएं भी मैदान में उतर आईं। उन्होंने भी लाठियां भांजने और पथराव करने में पीछे नहीं रहीं। इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो वहां मौजूद किसी शख्स ने बना लिया जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
डीएसपी बोले - जमीन विवाद था झगड़े की जड़
दौसा डीएसपी रवि प्रकाश शर्मा ने बताया कि झगड़े की जड़ जमीन का पुराना विवाद था। फिलहाल करीब आधा दर्जन लोगों को डिटेन किया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि दोनों पक्षों से अब तक किसी ने थाने में कोई मामला दर्ज नहीं करवाया है, लेकिन जांच जारी है।
स्थानीय लोगों ने ली राहत की सांस
घटना के बाद जैसे-तैसे शांति बहाल हुई, तब जाकर स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली। यह घटना ना सिर्फ कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि समाज में आपसी विवाद किस हद तक हिंसक हो सकते हैं।














