
राजस्थान कांग्रेस संगठन में बड़ा परिवर्तन जल्द ही देखने को मिल सकता है। कांग्रेस आलाकमान ने 24 अक्टूबर को दिल्ली में महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। इस बैठक में राष्ट्रीय संगठन महामंत्री के.सी. वेणुगोपाल राजस्थान के सभी 30 केंद्रीय पर्यवेक्षकों के साथ वन-टू-वन संवाद करेंगे और उनकी रिपोर्ट पर विस्तार से चर्चा करेंगे। बैठक का मुख्य उद्देश्य जिलाध्यक्षों के चयन के संबंध में पर्यवेक्षकों द्वारा दी गई रायशुमारी रिपोर्ट और तथ्यात्मक टिप्पणियों की समीक्षा करना है।
रिपोर्ट के आधार पर तय होंगे नाम
बैठक में वेणुगोपाल राजस्थान कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा, प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, सचिन पायलट और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ संवाद करेंगे। रिपोर्ट में सुझाए गए जिलाध्यक्षों के नामों पर भी विचार-विमर्श होगा। साथ ही प्रदेश के जिलों में संगठनात्मक स्थिति की समीक्षा कर नए जिला अध्यक्षों की नियुक्ति के निर्णय पर अंतिम मुहर लग सकती है।
कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि जिला स्तर पर मजबूत टीम तैयार करने से पार्टी आगामी चुनावों में बेहतर प्रदर्शन कर सकेगी और विपक्ष की भूमिका और प्रभावी बनेगी। संगठन सृजन अभियान के तहत 2028 के विधानसभा चुनाव वाले राज्यों में कांग्रेस संगठन को मज़बूत बनाने का काम पहले ही शुरू हो चुका है।
जल्द बदलाव की योजना
सूत्रों के अनुसार, नवंबर के पहले सप्ताह तक राजस्थान, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना के सभी जिलाध्यक्ष बदलने की योजना है। इस प्रक्रिया में प्रदेश अध्यक्ष और विधायक दल के नेता की भूमिका नगण्य रहेगी। पर्यवेक्षक पहले ही जिलों में जाकर स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं से विचार विमर्श कर चुके हैं।
बैठक में छह नामों के पैनल पर चर्चा होगी और कांग्रेस आलाकमान अंतिम निर्णय लेगा। के.सी. वेणुगोपाल का कहना है कि नए जिलाध्यक्षों को पहले की तुलना में अधिक अधिकार और जिम्मेदारी दी जाएगी। यह पहल राहुल गांधी के संगठन सृजन अभियान के तहत राजस्थान में की गई रायशुमारी का अंतिम चरण है।
50 जिलों में रायशुमारी पूरी, अब नाम तय होंगे
50 जिलों में रायशुमारी के लिए नियुक्त 30 केंद्रीय पर्यवेक्षकों ने अपनी रिपोर्ट के साथ सुझाव कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री को सौंप दिए हैं। अब वेणुगोपाल शीर्ष नेताओं के साथ बैठक कर नए जिलाध्यक्षों के नाम तय करेंगे।
दिलचस्प बात यह है कि राजस्थान से जिलाध्यक्ष बनने के लिए लगभग 3000 आवेदन आए हैं। जयपुर शहर अध्यक्ष पद के लिए 32 लोग, जयपुर ग्रामीण पूर्व और जयपुर ग्रामीण वेस्ट के लिए 60 से अधिक लोग कतार में हैं। इस प्रक्रिया में विधायक, पूर्व विधायक और पार्टी के वरिष्ठ नेता भी शामिल हैं।














