
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने गुरुवार देर रात एक अहम और रणनीतिक कदम उठाते हुए प्रकोष्ठ अध्यक्षों एवं संयोजकों की नियुक्ति कर दी है। यह निर्णय संगठन के भीतर नई जान फूंकने और जमीनी स्तर पर मजबूती लाने के इरादे से लिया गया है। इसकी जानकारी शुक्रवार दोपहर एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिस्ट साझा करते हुए सार्वजनिक की गई। इस लिस्ट में उद्योग और व्यापार प्रकोष्ठ से लेकर खेलकूद प्रकोष्ठ तक के कुल 7 नाम शामिल किए गए हैं, जो संगठनात्मक ढांचे को नया आयाम देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
नोटिफिकेशन के अनुसार, उद्योग और व्यापार प्रकोष्ठ की अहम जिम्मेदारी मुकुल गोयल को दी गई है, जो इस क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय हैं। वहीं, कच्ची बस्ती प्रकोष्ठ के लिए भरत मेघवाल को अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जिनका समाज के उस वर्ग में अच्छा जनसंपर्क और प्रभाव रहा है। स्थानीय निकाय प्रकोष्ठ की जिम्मेदारी जीवन खान कायमखानी को दी गई है, जो प्रशासनिक अनुभव के साथ संगठन को और बेहतर दिशा देने का माद्दा रखते हैं। पर्यावरण संरक्षण प्रकोष्ठ के अध्यक्ष के रूप में सुशील पारीक का चयन किया गया है, जो पर्यावरणीय मुद्दों को लेकर लंबे समय से मुखर रहे हैं।
इसी क्रम में, समन्वयक की अहम भूमिका भंवरलाल बिश्नोई निभाएंगे, जो संगठन के भीतर तालमेल और समन्वय को बेहतर बनाने की दिशा में काम करेंगे। अभाव-अभियोग प्रकोष्ठ की अध्यक्ष योगिता शर्मा होंगी, जो जनता से सीधे जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रही हैं। सहकारिता प्रकोष्ठ की जिम्मेदारी संदीप यादव को मिली है, जो ग्रामीण विकास और सहकारिता में अनुभव रखते हैं। खेलकूद प्रकोष्ठ में जोश और ऊर्जा लाने की जिम्मेदारी अमीन पठान को सौंपी गई है, जिनका खेल जगत से गहरा जुड़ाव है।
Rajasthan State Congress President Shri Govind Singh Dotasra has appointed the following with immediate effect. pic.twitter.com/Aqnl4K5cM6
— Rajasthan PCC (@INCRajasthan) July 18, 2025
ब्लॉक अध्यक्षों की भी हुई नियुक्ति
इसके अतिरिक्त, पार्टी ने सांगानेर और मानसरोवर (जयपुर) के ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति की है, जिससे राजधानी क्षेत्र में संगठन को मजबूत आधार मिल सके। साथ ही, नागौर जिले के मिठड़ी और धौलपुर के राजाखेड़ा में भी नए ब्लॉक अध्यक्षों की तैनाती की गई है, ताकि ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में कांग्रेस की पकड़ को और अधिक मजबूत किया जा सके।
इन नियुक्तियों के माध्यम से कांग्रेस ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वह आगामी चुनावों के मद्देनज़र संगठन को नई ऊर्जा देने और हर स्तर पर सक्रिय नेतृत्व तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है। अब इन नए अध्यक्षों और पदाधिकारियों को यह चुनौती स्वीकार करनी होगी कि वे अपने-अपने क्षेत्र में संगठन की साख और मजबूती बढ़ाएं।














