
राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सरकार अब विकास कार्यों को लेकर पूरी तरह सख्त नजर आ रही है। राज्य में परियोजनाओं की धीमी गति और देरी को लेकर अब किसी भी स्तर की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साफ संकेत दिए गए हैं कि अगर तय समय सीमा में काम पूरे नहीं हुए, तो संबंधित अधिकारी, पदाधिकारी और कर्मचारी सभी के खिलाफ कार्रवाई तय मानी जाएगी। सरकार का फोकस अब विकास योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा कराने पर केंद्रित है।
इसी कड़ी में मुख्यमंत्री कार्यालय में ‘राज उन्नति’ कार्यक्रम के तहत चौथी समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न विकास परियोजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक की अध्यक्षता खुद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने की, जहां उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि सभी योजनाओं और प्रोजेक्ट्स को निर्धारित समय में पूरा करना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
समयसीमा से समझौता नहीं, जवाबदेही तय करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान दो टूक शब्दों में कहा कि किसी भी परियोजना में देरी या लापरवाही को अब स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि हर स्तर पर जवाबदेही तय की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि जिम्मेदार व्यक्ति की पहचान स्पष्ट हो। साथ ही, जहां भी कार्यों में लापरवाही या उदासीनता सामने आए, वहां तुरंत और सख्त कार्रवाई की जाए।
सरकार ने यह भी साफ किया कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही अब सीधे कार्रवाई की वजह बनेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन-प्रशासन की कार्यशैली में तेजी लाना जरूरी है ताकि जनता को समय पर योजनाओं का लाभ मिल सके।
‘राज उन्नति’ से होगी प्रोजेक्ट्स की कड़ी निगरानी
बैठक में मुख्यमंत्री ने यह भी जोर देकर कहा कि आमजन से जुड़ी योजनाओं और उनकी समस्याओं का समाधान तेजी से किया जाना चाहिए। सरकार का उद्देश्य है कि हर योजना का लाभ बिना देरी के सीधे जनता तक पहुंचे।
‘राज उन्नति’ कार्यक्रम को लेकर सरकार ने यह संकेत दिया है कि अब विकास कार्यों की निगरानी और भी सख्त और नियमित तरीके से की जाएगी। इस प्रणाली के जरिए हर प्रोजेक्ट की प्रगति पर नजर रखी जाएगी और जहां भी खामियां सामने आएंगी, वहां तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।














