
राजस्थान की उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री दिया कुमारी ने वर्ष 2026-27 के बजट में राज्य के बुनियादी ढांचे और पर्यटन विकास से जुड़े कई महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य राज्य में निवेश और पर्यटन को बढ़ावा देना है, और इसके लिए कई नई परियोजनाओं पर विचार किया जा रहा है। खासतौर पर हवाई यात्रा के क्षेत्र में राजस्थान को अधिक सुलभ और आधुनिक बनाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
चार जिलों में नए एयरपोर्ट
वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में बताया कि राज्य में चार जिलों में नए एयरपोर्ट स्थापित करने की योजना बनाई जा रही है। इन प्रस्तावित एयरपोर्ट का निर्माण सीकर-झुंझुनूं और भरतपुर-डीग जिले के संयुक्त क्षेत्रों में किया जा सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इन सभी स्थानों पर पहले फिज़िबिलिटी स्टडी की जाएगी ताकि एयरपोर्ट खोलने की संभावनाओं का पूरा आंकलन किया जा सके।
दो जिलों में पायलट प्रशिक्षण केंद्र
इसके साथ ही दिया कुमारी ने कहा कि सवाई माधोपुर और बांसवाड़ा में पायलट प्रशिक्षण केंद्र खोले जाएंगे। इन केंद्रों में फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गेनाइजेशन (Flying Training Organisation) के माध्यम से नए पायलटों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह पहल राज्य में हवाई यात्रा और एविएशन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए अहम कदम मानी जा रही है।
राजस्थान में मौजूदा एयरपोर्ट और इतिहास
वर्तमान में राजस्थान में कुल 7 एयरपोर्ट हैं। ये शहर हैं: जयपुर, उदयपुर, जोधपुर, जैसलमेर, किशनगढ़, बीकानेर और कोटा।
इनमें से चार एयरपोर्ट – जैसलमेर, किशनगढ़, बीकानेर और कोटा – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में खोले गए। राज्य सरकार की नई योजना से इन मौजूदा नेटवर्क का विस्तार होगा और हवाई यात्रा को और अधिक सुविधाजनक बनाया जाएगा।














