
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में आज दोपहर 1 बजे जयपुर स्थित विधानसभा सचिवालय में कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। बजट सत्र के बीच होने वाली इस बैठक पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं क्योंकि इसमें कई बड़े नीति और प्रशासनिक फैसलों पर विचार किया जा सकता है। सबसे प्रमुख चर्चा का विषय है नगर निकाय और पंचायत चुनावों में लागू 'दो बच्चों की बाध्यता' का नियम, जिस पर सरकार आज कोई निर्णायक फैसला ले सकती है। इसके अलावा, पिछले कुछ दिनों से सुर्खियों में रहे 'डिस्टर्ब एरिया' विधेयक को इसी सत्र में पेश करने की औपचारिक मंजूरी मिलने की संभावना है।
औद्योगिक विकास और नियमों में बदलाव पर रहेगा फोकस
सूत्रों के अनुसार, कैबिनेट की बैठक में उद्योग विभाग से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विचार होगा। इसमें उद्योगों को संचालन में राहत देने, बिजली उत्पादन करने वाले ऊर्जा संयंत्रों के लिए जमीन आवंटित करने और सरकारी सेवा नियमों में सुधार करने जैसे प्रस्ताव शामिल हैं। इन कदमों से राज्य में निवेश को बढ़ावा मिलने और औद्योगिक नीतियों को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
सवाल-जवाब और रिपोर्ट पेशगी: प्रश्नकाल में उठेंगे अहम मुद्दे
आज विधानसभा की कार्यवाही भी काफी व्यस्त रहने वाली है। दिन की शुरुआत प्रश्नकाल से होगी, जिसमें उपमुख्यमंत्री डॉ. पीसी बेरवा उद्योग, पेयजल (PHED), बिजली और राजस्व विभागों से जुड़े सवालों के जवाब देंगे। इसके बाद नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा प्रदेश के 7 बड़े विकास प्राधिकरणों और हाउसिंग बोर्ड की वार्षिक रिपोर्ट सदन में पेश करेंगे। इसके साथ ही, विभिन्न सरकारी संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर कैग (CAG) की रिपोर्ट भी सदन में रखी जाएगी।
स्थानीय समस्याएं और नए कानून पर रहेगी नजर
सदन में आज विधायक अपने क्षेत्रों की स्थानीय समस्याओं को भी उठाएंगे। इसमें जैसलमेर में सोलर प्रोजेक्ट्स के कारण पर्यावरणीय नुकसान और अजमेर की आना सागर झील की सफाई जैसे मुद्दे शामिल हैं। इसके अलावा, विधायक सड़कों, स्कूलों और दमकल सेवाओं के सुधार के लिए याचिकाएं पेश करेंगे। अंत में, सरकार एक नया विधेयक 'विक्षुब्ध क्षेत्र संपत्ति अंतरण प्रतिषेध विधेयक 2026' सदन में पेश करेगी, जो संपत्ति के लेन-देन और किरायेदारों की सुरक्षा से जुड़े नियमों को और कड़ा बनाएगा।














