
नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने विपक्ष के रुख पर सवाल उठाते हुए इसे महिलाओं के हितों के प्रति उदासीनता करार दिया है। इसी क्रम में शुक्रवार को कुचामन सिटी स्थित भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान कई नेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया दी और विपक्ष की आलोचना की।
भाजपा महिला मोर्चा की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मी शर्मा ने कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों के रवैये को निराशाजनक बताते हुए कहा कि यह कानून महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल था। उनके अनुसार, इस तरह के ऐतिहासिक अवसर पर समर्थन न देना यह दर्शाता है कि विपक्ष महिलाओं के अधिकारों को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल केवल मुद्दों को राजनीतिक रंग देने में लगे रहते हैं, जबकि वास्तविक बदलाव की कोशिशों में बाधा उत्पन्न करते हैं।
इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि यह अधिनियम महिलाओं को सत्ता और निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी देने का एक बड़ा मौका था, जिसे विपक्ष ने गंवा दिया। उनके मुताबिक, यदि इस बिल को व्यापक समर्थन मिलता, तो देश की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी और प्रभाव और अधिक मजबूत हो सकता था।
राजस्व राज्य मंत्री विजय सिंह चौधरी ने भी इस मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023 को संसद के दोनों सदनों से पारित कर कानून का रूप दिया गया है। उन्होंने इसे महिलाओं के सम्मान और अधिकारों की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया। चौधरी ने कहा कि देशभर की महिलाओं ने इस फैसले का स्वागत किया है और इसे एक सकारात्मक परिवर्तन के रूप में देखा है।
उन्होंने आगे जानकारी देते हुए बताया कि इस अधिनियम को 2029 से लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में लागू किए जाने का प्रावधान है। साथ ही उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस और अन्य दलों ने गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपनाते हुए इस कानून का विरोध किया, जो महिलाओं के हितों के खिलाफ है।
भाजपा नागौर देहात जिलाध्यक्ष सुनीता माहेश्वरी ने कहा कि यह अधिनियम महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को नई दिशा देगा। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि भाजपा हमेशा से महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध रही है और यह कानून उसी सोच का विस्तार है।
वहीं भाजपा जिला महामंत्री विजय सिंह पलाड़ा ने विपक्ष के रुख को महिलाओं के अधिकारों के प्रति नकारात्मक सोच का परिचायक बताया। उनके अनुसार, इस तरह का विरोध यह संकेत देता है कि विपक्ष महिलाओं को समान अवसर देने के पक्ष में नहीं है।
भाजपा जिला महामंत्री देवी लाल दादरवाल ने भी इस अधिनियम को महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया में अधिक मजबूती के साथ भागीदारी का अवसर मिलेगा। उन्होंने इसे सामाजिक और राजनीतिक बदलाव की दिशा में एक अहम कदम बताया।
आईटी सेल प्रभारी रक्षेंद्र ओझा ने कहा कि भाजपा इस अधिनियम को लेकर लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाने का काम कर रही है। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों के जरिए पार्टी आमजन तक इस कानून की सही जानकारी पहुंचा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की भ्रम की स्थिति को दूर किया जा सके।














