आज के समय में घुटनों से आवाज़ आना केवल बुजुर्गों की समस्या नहीं रह गई है, बल्कि कम उम्र के लोगों में भी यह परेशानी तेजी से बढ़ रही है। कई लोग चलते समय, सीढ़ियां चढ़ते वक्त या बैठने-उठने के दौरान घुटनों से “कट-कट” या “टक-टक” जैसी आवाज़ महसूस करते हैं। यह स्थिति अक्सर जोड़ों में कमजोरी, सूजन या घिसाव की ओर संकेत करती है। आयुर्वेद में माना जाता है कि शरीर में वात दोष के असंतुलन और जोड़ों के बीच मौजूद प्राकृतिक चिकनाई (लुब्रिकेशन) कम होने से यह समस्या उत्पन्न होती है। ऐसे में सही खानपान और घरेलू उपाय अपनाकर इस परेशानी को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
घुटनों से कट-कट की आवाज़ क्यों आती है?
घुटनों से आने वाली यह आवाज़ कई कारणों से हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह स्थिति तब बनती है जब घुटने के जोड़ के अंदर मौजूद गैस के छोटे-छोटे बुलबुले फूटते हैं या फिर कार्टिलेज (हड्डियों के बीच का कुशन) धीरे-धीरे घिसने लगता है।
इसके अलावा, लिगामेंट्स में खिंचाव, मांसपेशियों की कमजोरी या नी-कैप की असंतुलित स्थिति भी इस समस्या का कारण बन सकती है। उम्र बढ़ने, अधिक वजन या पुरानी चोटों के कारण घुटनों के बीच की सुरक्षा परत कमजोर हो जाती है, जिससे हड्डियां आपस में रगड़ खाने लगती हैं और आवाज़ आने लगती है। धीरे-धीरे यह स्थिति दर्द, सूजन और जकड़न में बदल सकती है।
दूध में मिलाकर पिएं ये चीजें, मिलेगा आराम
घुटनों की कमजोरी और कट-कट की आवाज़ को कम करने के लिए दूध को अपनी डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए, क्योंकि यह कैल्शियम और पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत होता है।
एक गिलास गर्म दूध में आधा चम्मच सोंठ (सूखी अदरक का पाउडर), एक छोटा टुकड़ा दालचीनी और एक चुटकी हल्दी मिलाकर अच्छी तरह उबाल लें। यह मिश्रण शरीर के अंदर सूजन को कम करने और हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करता है।
अगर घुटनों से लगातार कट-कट की आवाज़ आती है, तो इस दूध के साथ रोजाना एक चम्मच सफेद तिल का सेवन भी किया जा सकता है। सफेद तिल हड्डियों को पोषण देने के साथ-साथ जोड़ों की प्राकृतिक चिकनाई को बेहतर करने में सहायक माना जाता है।
इन आदतों को तुरंत सुधारें
घुटनों की सेहत बनाए रखने के लिए कुछ दैनिक आदतों में बदलाव करना बेहद जरूरी है।
खड़े होकर पानी पीने की आदत को छोड़ें और हमेशा बैठकर पानी पिएं। गलत तरीके से बैठना या उठना-जैसे पोस्चर—घुटनों पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है, इसलिए सही मुद्रा अपनाएं।
लंबे समय तक एक ही जगह बैठे रहने से बचें। हर 45 से 60 मिनट के अंतराल पर उठकर हल्की स्ट्रेचिंग या थोड़ी वॉक जरूर करें। इससे जोड़ों में लचीलापन बना रहता है।
शरीर में विटामिन D और कैल्शियम की कमी बिल्कुल न होने दें, क्योंकि ये दोनों तत्व हड्डियों की मजबूती के लिए बेहद जरूरी हैं और इनकी कमी से जोड़ों की समस्या बढ़ सकती है।













