बिहार की राजनीति में सरकारी आवास को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। पटना स्थित 10 सर्कुलर रोड बंगले को खाली कराने के मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और राज्य सरकार आमने-सामने आ गए हैं। भवन निर्माण विभाग की ओर से अंतिम नोटिस जारी किए जाने के बाद राबड़ी देवी ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को खुली चुनौती देते हुए साफ कहा कि वह यह आवास खाली नहीं करेंगी और अगर सरकार चाहती है तो बल प्रयोग कराकर खाली करवा ले।
राबड़ी देवी का यह बयान सामने आते ही राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने भी अपनी वरिष्ठ नेता के समर्थन में मोर्चा संभाल लिया है, जबकि बीजेपी ने इस मुद्दे पर पलटवार करते हुए उन्हें नियमों का पालन करने की नसीहत दी है।
अंतिम नोटिस के बाद बढ़ा सियासी तापमान
शुक्रवार को भवन निर्माण विभाग ने राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास खाली करने के लिए पत्र भेजा। बताया जा रहा है कि यह आवास अब पशुपालन एवं मत्स्य संसाधन मंत्री नंदकिशोर राम को आवंटित किया जा चुका है।
शनिवार को मीडिया से बातचीत के दौरान राबड़ी देवी इस मुद्दे पर काफी नाराज नजर आईं। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का नाम लिए बिना कहा, “नया-नया मुख्यमंत्री बने हैं, फोर्स भेजकर आवास खाली करवा लें। हम खुद से बंगला नहीं छोड़ेंगे।” इस दौरान उन्होंने मीडिया के सवालों पर ज्यादा प्रतिक्रिया नहीं दी और कैमरों के सामने अपनी नाराजगी भी जाहिर की।
पहले भी मिल चुका है नोटिस
यह विवाद पहली बार सामने नहीं आया है। इससे पहले नवंबर 2025 में भी राबड़ी देवी को आवास खाली करने का नोटिस दिया गया था। उस समय उन्हें बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष के तौर पर 39 हार्डिंग रोड स्थित सरकारी आवास आवंटित किया गया था।
हालांकि, राबड़ी देवी ने तब भी 10 सर्कुलर रोड का बंगला खाली नहीं किया। अब नए नोटिस के बाद मामला और ज्यादा गरमा गया है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि इस बार दोनों पक्ष अपने रुख पर अड़े हुए दिखाई दे रहे हैं।
दो दशक से परिवार का ठिकाना रहा है यह आवास
सूत्रों के अनुसार, लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी का परिवार करीब दो दशक से अधिक समय से इस सरकारी आवास में रह रहा है। वर्ष 2005 से यह बंगला उनके परिवार का प्रमुख निवास स्थान बना हुआ है।
परिवार के कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम, जिनमें बच्चों की शादियां भी शामिल हैं, इसी आवास से संपन्न हुए हैं। बताया जाता है कि लंबे समय तक निवास के कारण इस परिसर में कई सुविधाओं का विस्तार और विकास भी किया गया। वहीं, 39 हार्डिंग रोड स्थित आवास अपेक्षाकृत छोटा बताया जा रहा है, जिसे लेकर भी चर्चा हो रही है।
राजद ने बताया राजनीतिक प्रतिशोध
राबड़ी देवी के समर्थन में उतरी आरजेडी ने सरकार पर राजनीतिक बदले की भावना से कार्रवाई करने का आरोप लगाया है। पार्टी प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा कि यह कदम केवल राजनीतिक दबाव बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार के शीर्ष पदों पर बैठे लोग स्वयं सरकारी आवास संबंधी नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। राजद का कहना है कि मुख्यमंत्री और अन्य पदाधिकारियों के आवासों को लेकर भी कई सवाल उठते रहे हैं, लेकिन सरकार विपक्षी नेताओं पर ही कार्रवाई कर रही है।
बीजेपी का पलटवार, नियमों का दिया हवाला
दूसरी ओर बीजेपी ने राबड़ी देवी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि राज्य में कानून और नियमों के आधार पर व्यवस्था चलती है और किसी को भी सरकारी संपत्ति पर अनिश्चितकाल तक कब्जा बनाए रखने का अधिकार नहीं है।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि आवास खाली नहीं किया जा रहा है तो इसकी वजह क्या है। बीजेपी का कहना है कि सरकारी आवासों का आवंटन निर्धारित नियमों के तहत होता है और सभी लोगों को उनका पालन करना चाहिए।
बंगले की लड़ाई बनी बड़ा राजनीतिक मुद्दा
10 सर्कुलर रोड का विवाद अब केवल सरकारी आवास तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव का बड़ा मुद्दा बन चुका है। एक तरफ सरकार आवंटन नियमों का हवाला देकर बंगला खाली कराने पर जोर दे रही है, तो दूसरी तरफ राबड़ी देवी और आरजेडी इसे राजनीतिक प्रताड़ना करार दे रहे हैं।
अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि सरकार इस मामले में आगे क्या कदम उठाती है और क्या यह विवाद प्रशासनिक कार्रवाई तक पहुंचता है या फिर राजनीतिक स्तर पर ही सुलझा लिया जाता है।













