
राजस्थान के चर्चित 960 करोड़ रुपये के जल जीवन मिशन (JJM) घोटाले में रिटायर्ड आईएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रहीं। बुधवार को उन्हें एक बार फिर एसीबी कोर्ट में पेश किया गया, जहां सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
ACB की रिमांड याचिका खारिज
सुनवाई के दौरान एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने कोर्ट से अग्रवाल की दो दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड की मांग की। एजेंसी का कहना था कि मामले में कई बिंदुओं पर और पूछताछ जरूरी है। हालांकि, सुबोध अग्रवाल की ओर से इस मांग का विरोध किया गया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने रिमांड देने से इनकार कर दिया और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने का फैसला सुनाया।
कोर्ट में ACB पर उठाए सवाल
सुनवाई के दौरान माहौल उस समय रोचक हो गया जब सुबोध अग्रवाल ने खुद ACB की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने अदालत में कहा कि एजेंसी बार-बार यह आरोप लगा रही है कि उन्होंने पूछताछ में सहयोग नहीं किया। अग्रवाल ने सवाल किया कि आखिर उन्होंने किन सवालों के जवाब नहीं दिए, इसका स्पष्ट उल्लेख किया जाए और मीडिया में इस तरह की बातें क्यों कही जा रही हैं।
सुरक्षा को लेकर अलग सेल की मांग
इस बीच, सुबोध अग्रवाल ने अपनी सुरक्षा को लेकर भी चिंता जाहिर की। उन्होंने अदालत में एक आवेदन प्रस्तुत कर जेल में खुद के लिए खतरा बताया और अलग सेल में रखने की मांग की। अदालत ने इस आवेदन को रिकॉर्ड पर लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
पूछताछ के दौरान बिगड़ी थी तबीयत
इससे पहले मंगलवार शाम को पूछताछ के दौरान सुबोध अग्रवाल की तबीयत अचानक खराब हो गई थी। इसके बाद उन्हें तुरंत मेडिकल जांच के लिए ले जाया गया। जांच में सभी रिपोर्ट सामान्य पाई गईं और डॉक्टरों ने किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या से इनकार किया। इसके बाद उन्हें दोबारा पूछताछ में शामिल किया गया।
960 करोड़ के घोटाले की जांच जारी
गौरतलब है कि जल जीवन मिशन से जुड़ा यह मामला राजस्थान के बड़े कथित घोटालों में गिना जा रहा है, जिसमें करीब 960 करोड़ रुपये की अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। ACB इस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और इससे जुड़े विभिन्न पहलुओं को खंगालने में जुटी हुई है।
जांच के अगले चरण में पहुंचा मामला
अदालत के फैसले के बाद अब सुबोध अग्रवाल न्यायिक हिरासत में हैं और मामला जांच के नए चरण में प्रवेश कर चुका है। आने वाले समय में ACB की आगे की कार्रवाई और संभावित खुलासों पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी, जिससे इस मामले में और बड़े तथ्य सामने आ सकते हैं।














