
दिल्ली-जयपुर नेशनल हाईवे-48 पर रविवार सुबह एक बड़ा हादसा टल गया, जब बहरोड़ क्षेत्र के दहमी गांव के पास दौड़ती हुई एक कैंटर अचानक आग की चपेट में आ गई। सुबह करीब 6:30 बजे हुए इस घटनाक्रम ने कुछ ही पलों में भयावह रूप ले लिया और देखते ही देखते पूरा वाहन आग के गोले में तब्दील हो गया। हाईवे से गुजर रहे अन्य वाहन चालकों में इस दृश्य को देखकर दहशत फैल गई। राहत की बात यह रही कि चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए समय रहते जलते वाहन से छलांग लगा दी, जिससे उसकी जान बच गई।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट हो सकती है। हाईवे पेट्रोलिंग इंचार्ज देवेंद्र कुमार के अनुसार, कंट्रोल रूम से सुबह सूचना मिली थी कि दहमी गांव के पास एक कैंटर में आग लग गई है। चालक ने बताया कि गाड़ी चलाते वक्त अचानक इंजन की ओर से धुआं उठता नजर आया। वह स्थिति को समझ पाता और वाहन रोकता, उससे पहले ही आग तेजी से फैलकर केबिन तक पहुंच गई और हालात बेकाबू हो गए।
कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी गाड़ी धू-धू कर जलने लगी। ऊंची उठती लपटें और आसमान में छाया काला धुआं दूर से ही दिखाई दे रहा था। इस खौफनाक मंजर को देखकर हाईवे पर चल रहे अन्य वाहन चालकों ने अपनी गाड़ियां रोक दीं, जिससे वहां अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। कैंटर में रखा सारा सामान भी आग की भेंट चढ़ गया और वाहन पूरी तरह जलकर केवल ढांचे में बदल गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और हाईवे पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंच गई। सुरक्षा के लिहाज से कुछ समय के लिए हाईवे पर यातायात रोक दिया गया और वाहनों को सुरक्षित दूरी पर खड़ा कराया गया। बहरोड़ दमकल विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का काम शुरू किया और काफी मशक्कत के बाद लपटों पर काबू पाया, हालांकि तब तक वाहन पूरी तरह नष्ट हो चुका था।
इस हादसे के चलते दिल्ली-जयपुर हाईवे पर लंबा जाम लग गया और यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। बाद में क्रेन की मदद से जले हुए वाहन को सड़क से हटाया गया, जिसके बाद धीरे-धीरे यातायात सामान्य हो सका। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की तकनीकी जांच में जुटी हुई है, ताकि आग लगने के वास्तविक कारणों की पुष्टि की जा सके।














