
कोटा: शहर के बोरखेड़ा इलाके का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ युवक मगरमच्छ के साथ मस्ती करते और मारपीट करने की हरकत में दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने खुद ही मगरमच्छ को पकड़कर उसके मुंह को टेप से बाँध दिया। युवक मगरमच्छ के साथ सेल्फी लेते, फोटो खींचते और वीडियो बनाते नजर आ रहे हैं। वीडियो वायरल होते ही वन विभाग ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी है और युवकों की पहचान में जुट गया है।
वन्यजीव प्रेमी तपेश्वर सिंह भाटी का कहना है कि मगरमच्छ भी टाइगर जैसी शेड्यूल वन्यजीव श्रेणी में आता है। ऐसे में उसे परेशान करना और मारपीट करना वन्य जीव संरक्षण अधिनियम का उल्लंघन है। उन्होंने अधिकारियों से इस मामले में कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
कोटा टेरिटोरियल के उपवन संरक्षक अपूर्व कृष्ण श्रीवास्तव ने बताया कि सोशल मीडिया के जरिए वायरल वीडियो उनके संज्ञान में आया है। वीडियो बोरखेड़ा इलाके का बताया जा रहा है। उन्होंने लाडपुरा रेंजर को निर्देश दिए हैं कि मामले की पूरी जांच की जाए।
वीडियो लगभग एक-दो दिन पुराना प्रतीत होता है। इसमें युवक मगरमच्छ को उठाते और मारते हुए नजर आ रहे हैं, जिससे जानवर को नुकसान भी पहुंचा है। यह कानूनी रूप से गंभीर अपराध है और इनके खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। जांच का एक महत्वपूर्ण बिंदु यह भी है कि क्या मगरमच्छ को वापस उसके प्राकृतिक वाटर बॉडी में छोड़ा गया या नहीं।
अपूर्व कृष्ण श्रीवास्तव ने कहा कि कोटा में मगरमच्छ रेस्क्यू टीम 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहती है। बीते एक सप्ताह में टीम ने 10 से ज्यादा क्रोकोडाइल रेस्क्यू किए हैं। बारिश के मौसम के बाद इस टीम ने अब तक 50 से अधिक मगरमच्छों को सुरक्षित स्थानों पर छोड़ा है। उन्होंने जनता से अपील की है कि कोई भी व्यक्ति मगरमच्छ को हाथ न लगाए और जानवरों को परेशान न करे।














