
जयपुर ग्रामीण के चौमू क्षेत्र स्थित ईटावा भोपजी गांव निवासी CISF के हेड कांस्टेबल सुरेश कुमार रोलानिया अब इस दुनिया में नहीं रहे। गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। वे दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) में तैनात थे। बताया गया है कि अचानक किडनी में गंभीर संक्रमण की शिकायत के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान हालत बिगड़ती चली गई और मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे उनका निधन हो गया। उनके असमय निधन की खबर से CISF बल के साथ-साथ पूरे चौमू क्षेत्र में शोक का माहौल छा गया।
राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार
दिल्ली में तैनात CISF के एएसआई रामकरण मीणा ने जानकारी देते हुए बताया कि सुरेश कुमार रोलानिया का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव ईटावा भोपजी में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। इस अवसर पर जयपुर CISF की 8वीं रिजर्व बटालियन की ओर से उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। अंतिम विदाई के दौरान CISF के वरिष्ठ अधिकारी, जवान, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। हर आंख नम थी और पूरे गांव में गमगीन माहौल नजर आया।
बेटे की चिता देख बेसुध हुए पिता
सुरेश कुमार के पिता नानूराम रोलानिया स्वयं भी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। वे सांस की तकलीफ के चलते चोमू के एक निजी अस्पताल में भर्ती थे। बेटे के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए उन्हें अस्पताल से छुट्टी दिलवाकर गांव लाया गया। जैसे ही उन्होंने अपने बेटे की पार्थिव देह देखी, वे खुद को संभाल नहीं पाए और बेसुध हो गए। वहीं पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। सुरेश कुमार दो भाइयों में सबसे बड़े थे।
पीछे छूटा शोकाकुल परिवार
परिवार की जिम्मेदारियां अब उनके कंधों से उतर गईं, लेकिन पीछे रह गया है गहरा सन्नाटा। उनका छोटा भाई मजदूरी कर परिवार का सहारा बना हुआ है। सुरेश कुमार अपने पीछे पत्नी, एक बेटा और एक बेटी को छोड़ गए हैं। उनकी बेटी सैनिक स्कूल सीकर में पढ़ाई कर रही है। जैसे ही गांव में उनके निधन की सूचना पहुंची, लोग अपने रोजमर्रा के काम छोड़कर अंतिम दर्शन के लिए उनके घर पहुंचने लगे।
CISF के जवानों और स्थानीय ग्रामीणों ने सुरेश कुमार रोलानिया को एक अनुशासित, कर्तव्यनिष्ठ और मिलनसार जवान बताते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। ईटावा भोपजी गांव में आज भी शोक की छाया बनी हुई है और हर कोई इस अपूरणीय क्षति को याद कर नम आंखों से उन्हें नमन कर रहा है।














