
राजस्थान के बाड़मेर जिले से एक चिंताजनक घटना सामने आई है, जहां एक सरकारी स्कूल में पानी पीने के कुछ ही देर बाद 13 बच्चों की तबीयत अचानक खराब हो गई। यह मामला राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, मेघवालों की बस्ती (सनावड़ा) का है, जहां शनिवार (2 मई) को ‘नो बैग डे’ के तहत बच्चे सामान्य गतिविधियों के लिए स्कूल पहुंचे थे। दिनचर्या के दौरान अवकाश के समय जैसे ही बच्चों ने पीने के पानी का उपयोग किया, कुछ ही मिनटों में एक के बाद एक कई छात्रों में असहजता के लक्षण दिखाई देने लगे। देखते ही देखते लगभग 13 बच्चों को खुजली, शरीर पर लाल दाने (चकत्ते) और घबराहट जैसी शिकायतें होने लगीं, जिससे स्कूल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
तुरंत अस्पताल पहुंचाए गए सभी बच्चे, प्राथमिक इलाज के बाद रेफर
स्थिति को गंभीर होते देख स्कूल प्रशासन ने बिना देरी किए 108 एंबुलेंस सेवा को सूचना दी और सभी प्रभावित बच्चों को तुरंत सनावड़ा अस्पताल भेजा गया। वहां प्राथमिक उपचार देने के बाद डॉक्टरों ने सभी बच्चों की हालत को देखते हुए उन्हें बाड़मेर मेडिकल कॉलेज के जिला अस्पताल रेफर कर दिया। फिलहाल सभी बच्चे जिला अस्पताल में भर्ती हैं, जहां उन्हें डे-केयर यूनिट में चिकित्सकों की विशेष निगरानी में रखा गया है। राहत की बात यह है कि डॉक्टरों के अनुसार सभी बच्चों की स्थिति अब स्थिर है और वे खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं, जिससे परिजनों ने थोड़ी राहत की सांस ली है।
प्रशासन सक्रिय, पानी के सैंपल की जांच शुरू
घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन के अधिकारी तुरंत अस्पताल पहुंचे और बच्चों के स्वास्थ्य की विस्तृत जानकारी ली। अतिरिक्त जिला कलेक्टर राजेंद्र सिंह ने बताया कि यह मामला बेहद गंभीर है और इसके कारणों की गहन जांच की जा रही है। शुरुआती स्तर पर स्कूल में उपलब्ध पानी के सैंपल एकत्र कर लिए गए हैं और उन्हें जांच के लिए भेजा जा रहा है। इसके अलावा अन्य संभावित कारणों की भी पड़ताल की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि बच्चों की तबीयत बिगड़ने के पीछे असली वजह क्या थी। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद पूरी स्थिति स्पष्ट कर दी जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।














