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'हेलमेट ने बचाई जान, शरीर पर कई गंभीर चोटों के निशान'... अभिषेक बनर्जी हमले के बाद ममता ने BJP और प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप

TMC सांसद अभिषेक बनर्जी पर कथित हमले के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति गरमा गई है। ममता बनर्जी ने BJP और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हेलमेट ने उनकी जान बचाई और शरीर पर कई ब्लंट इंजरी के निशान मिले हैं। अस्पताल में इलाज और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।

Posts by : Jhanvi Gupta | Updated on: Sun, 31 May 2026 10:55:10

'हेलमेट ने बचाई जान, शरीर पर कई गंभीर चोटों के निशान'... अभिषेक बनर्जी हमले के बाद ममता ने BJP और प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए कथित हमले के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। घटना के बाद पार्टी प्रमुख और राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने न सिर्फ भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर गंभीर आरोप लगाए हैं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था और चिकित्सा उपचार की पूरी प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए हैं। ममता का कहना है कि अभिषेक को कई जगह चोटें आईं और यदि समय रहते सुरक्षा उपाय नहीं किए जाते, तो स्थिति कहीं अधिक गंभीर हो सकती थी।

शनिवार को मीडिया से बातचीत के दौरान ममता बनर्जी ने कहा कि किसी निर्वाचित सांसद पर इस तरह का हमला लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक है। उन्होंने दावा किया कि हमले के बाद अस्पताल में अभिषेक के इलाज को लेकर भी कई तरह की असामान्य परिस्थितियां देखने को मिलीं, जिनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

अस्पताल में भर्ती नहीं करना था तो ITU में क्यों रखा गया?

ममता बनर्जी ने अस्पताल प्रशासन के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि डॉक्टरों को लगता था कि अभिषेक की हालत गंभीर नहीं है, तो उन्हें पहले गहन चिकित्सा इकाई (ITU) में क्यों रखा गया। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों ने कई जांच कराने की सलाह दी, उन्हें घंटों निगरानी में रखा गया और उसके बाद अचानक छुट्टी दे दी गई।

उन्होंने बताया कि अभिषेक को शाम करीब 8:15 बजे अस्पताल लाया गया था और रात लगभग 11 बजे तक उनकी चिकित्सकीय निगरानी की गई। ममता के मुताबिक, जब डॉक्टरों ने जांच और निगरानी को जरूरी माना था, तब किसी बाहरी दबाव के चलते उस प्रक्रिया को प्रभावित नहीं किया जाना चाहिए था।

चेहरे, गर्दन और छाती पर चोटों का दावा

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉक्टरों ने शुरुआती जांच के दौरान अभिषेक के शरीर पर कई स्थानों पर चोटों के निशान पाए। उनके अनुसार चेहरे, पीठ, गर्दन और छाती पर ब्लंट इंजरी यानी कुंद वस्तु से लगी चोटों के संकेत मिले हैं।

ममता ने बताया कि चिकित्सकों ने एहतियात के तौर पर एक्स-रे और अन्य स्कैन कराने की सलाह दी थी ताकि किसी संभावित फ्रैक्चर, अंदरूनी रक्तस्राव या आंतरिक अंगों को हुए नुकसान की संभावना को पूरी तरह खारिज किया जा सके। उनका कहना था कि ऐसी परिस्थितियों में विस्तृत मेडिकल जांच बेहद जरूरी थी।

'हेलमेट नहीं होता तो परिणाम और गंभीर हो सकते थे'

ममता बनर्जी ने दावा किया कि हमले के दौरान हालात बेहद खतरनाक हो गए थे। उन्होंने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि अगर उस समय अभिषेक के सिर की सुरक्षा नहीं की गई होती, तो घटना के परिणाम गंभीर हो सकते थे।

उनके अनुसार, विरोध प्रदर्शन के दौरान पत्थरबाजी और धक्का-मुक्की की वजह से अभिषेक को शरीर के कई हिस्सों में चोटें आईं। उन्होंने कहा कि हेलमेट ने संभावित बड़े नुकसान को टालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ममता का दावा है कि हमले की तीव्रता को देखते हुए इसे सामान्य घटना नहीं माना जा सकता।

सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठाए सवाल

TMC प्रमुख ने कानून-व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन की आलोचना की। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम की जानकारी पहले से प्रशासन और पुलिस के पास मौजूद थी, इसके बावजूद पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए।

ममता ने आरोप लगाया कि इलाके में माहौल खराब करने के लिए बाहरी लोगों को लाया गया था। उन्होंने कहा कि यदि सुरक्षा एजेंसियां समय पर सक्रिय रहतीं, तो ऐसी स्थिति से बचा जा सकता था। उनके अनुसार पूरे घटनाक्रम की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।

'राजनीतिक विरोध का जवाब हिंसा नहीं हो सकता'

ममता बनर्जी ने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक प्रतिस्पर्धा स्वाभाविक है, लेकिन इसका मतलब हिंसा या डर का माहौल बनाना नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि विचारों का मुकाबला विचारों से होना चाहिए, न कि हमलों और धमकियों से।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि डॉक्टरों और अस्पताल प्रशासन पर दबाव बनाने की कोशिश की गई। उनके मुताबिक इलाज, भर्ती या डिस्चार्ज जैसे फैसले पूरी तरह चिकित्सकों के अधिकार क्षेत्र में होने चाहिए और इनमें किसी तरह का हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए।

इलाज पर दबाव के आरोप, विपक्षी नेताओं ने जताई चिंता

ममता ने कहा कि सबसे चिंताजनक बात यह है कि घायल व्यक्ति के उपचार को लेकर भी दबाव बनाए जाने के आरोप सामने आए हैं। उन्होंने बताया कि पार्टी ने अब अभिषेक का इलाज भरोसेमंद विशेषज्ञ डॉक्टरों और पारिवारिक चिकित्सकों की देखरेख में जारी रखने का निर्णय लिया है।

उन्होंने यह भी बताया कि अभिषेक पहले से आंखों से जुड़ी एक स्वास्थ्य समस्या का सामना कर चुके हैं, इसलिए उनकी चोटों की विस्तृत जांच आवश्यक है। ममता के अनुसार, इस घटना को लेकर कई विपक्षी नेताओं ने भी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल समेत कई नेताओं ने अभिषेक के स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई है।

'हम पीछे हटने वाले नहीं हैं'


ममता बनर्जी ने स्पष्ट किया कि इस घटना के बावजूद तृणमूल कांग्रेस अपने राजनीतिक कार्यक्रम और जनसंपर्क अभियान जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से जनता के बीच जाएगी और किसी भी दबाव के आगे झुकेगी नहीं।

उन्होंने कहा, "हम डरने वाले नहीं हैं और अपना अभियान जारी रखेंगे।" दूसरी ओर, पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं भाजपा ने घटना को लेकर अलग रुख अपनाते हुए कहा है कि यह जनता की नाराजगी का परिणाम है। इस बीच अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले को लेकर राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार तेज होता जा रहा है।

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