
जयपुर में आयोजित सहकारिता एवं रोजगार सम्मेलन में भाग लेने पहुंचे केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है। इस सम्मेलन के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए, लेकिन इन्हीं इंतज़ामों पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
डोटासरा ने अपने ट्वीट में सवाल किया, "क्या हमारे देश के गृह मंत्री खतरे में हैं?" उन्होंने आश्चर्य जताते हुए कहा कि राजस्थान की पूरी पुलिस फोर्स को अमित शाह की सुरक्षा में तैनात कर दिया गया, क्या वाकई में एक देश के गृह मंत्री को इतनी बड़ी सुरक्षा की जरूरत है?
उन्होंने यह भी कहा कि जिन पर पूरे देश की सुरक्षा का जिम्मा है, उन्हें आखिर किससे खतरा हो सकता है? क्या यह सरकार की प्राथमिकताओं को लेकर सवाल नहीं उठाता? डोटासरा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने 15 IPS अधिकारियों समेत करीब 4000 पुलिसकर्मियों को सिर्फ एक व्यक्ति की सुरक्षा में झोंक दिया, जबकि प्रदेश में आम जनता असुरक्षित महसूस कर रही है।
क्या देश का गृह मंत्री ख़तरे में है?
— Govind Singh Dotasra (@GovindDotasra) July 17, 2025
क्योंकि.. आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी के जयपुर दौरे पर राजस्थान की पूरी पुलिस को उनकी सुरक्षा में झोंक दिया गया।
जिनके हवाले देश की सुरक्षा है, उनको क्या ख़तरा हो सकता है कि भाजपा सरकार ने 15 IPS समेत करीब 4000 पुलिसकर्मियों को अमित…
डोटासरा का आरोप था कि अगर यही चौकसी और मुस्तैदी राज्य की कानून व्यवस्था को सुधारने में लगाई गई होती, तो आज राजस्थान को "अपराधिस्थान" जैसा तमगा नहीं मिल रहा होता। उन्होंने कहा कि बदमाश, बजरी माफिया और अपराधी बेखौफ घूम रहे हैं, और सरकार आम जनता की सुरक्षा भगवान भरोसे छोड़ चुकी है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से यह सवाल भी किया कि अगर दिल्ली से गृह मंत्री जी के हाथों पर्ची मिल गई हो, तो कृपया महीनों से लंबित IPS अधिकारियों की सूची जारी कर दीजिए, ताकि प्रदेश में कानून का राज स्थापित हो सके।
वहीं सम्मेलन में अमित शाह ने अपने भाषण में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अब 11वें नंबर से छलांग लगाकर चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि मोदी सरकार के समय में देश ज्यादा सुरक्षित हुआ है, और अब आतंकियों को करारा जवाब दिया जाता है।














