
मुंबई: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) के प्रमुख शरद पवार ने सुनेत्रा पवार के शपथ ग्रहण समारोह से खुद को अलग रखने का फैसला किया है। वे राजभवन में होने वाले इस अहम कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे और बारामती में ही रुकेंगे। शरद पवार की इस अनुपस्थिति को राजनीतिक हलकों में एक बड़ा संकेत माना जा रहा है। दूसरी ओर, महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे सुनेत्रा पवार के शपथ ग्रहण में शामिल होने के लिए ठाणे से मुंबई के लिए रवाना हो चुके हैं। इस समारोह में अजित पवार गुट के सभी विधायक, सांसद और प्रमुख नेता मौजूद रहेंगे।
विधायक दल की नेता चुनी गईं सुनेत्रा पवार
महाराष्ट्र की राजनीति बुधवार सुबह उस वक्त शोक में डूब गई, जब डिप्टी सीएम अजित पवार का बारामती में एक विमान हादसे में निधन हो गया। अजित पवार की पार्टी मौजूदा सत्तारूढ़ महायुति का एक अहम स्तंभ रही है। इस दुखद घटना के बाद आज दक्षिण मुंबई स्थित विधान भवन परिसर के भूतल पर दिवंगत अजित पवार के कार्यालय में एनसीपी विधायक दल की अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सर्वसम्मति से सुनेत्रा पवार को विधायक दल का नेता चुना गया। उनके नाम का प्रस्ताव वरिष्ठ नेता दिलीप वालसे पाटिल ने रखा, जबकि खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल ने प्रस्ताव का समर्थन किया।
राज्य की पहली महिला उपमुख्यमंत्री बनेंगी सुनेत्रा पवार
सुनेत्रा पवार आज महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगी। शपथ ग्रहण से पहले उन्होंने राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। इसके साथ ही उन तमाम अटकलों पर विराम लग गया है, जिनमें कहा जा रहा था कि दोनों एनसीपी गुट एक बार फिर साथ आ सकते हैं। बीते कुछ दिनों से यह चर्चा भी जोरों पर थी कि अजित पवार और शरद पवार के बीच मुलाकात हुई थी और चाचा-भतीजा फिर से एकजुट होने की दिशा में कदम बढ़ा रहे थे।
विलय की योजना पर भी पड़ा विराम
एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार ने आज इस संबंध में बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि अजित पवार 12 फरवरी को दोनों दलों के विलय की घोषणा करने की तैयारी में थे। हालांकि, उनकी अचानक और असामयिक मृत्यु के कारण यह पूरी प्रक्रिया अधूरी रह गई। शरद पवार के इस बयान ने महाराष्ट्र की राजनीति में चल रही चर्चाओं को एक नई दिशा दे दी है और आने वाले दिनों में इसके दूरगामी राजनीतिक असर देखे जा सकते हैं।












