
मंगलवार को घरेलू शेयर बाजार ने कारोबार की शुरुआत कमजोरी के साथ की। बाजार खुलते ही निवेशकों को झटका लगा जब सेंसेक्स और निफ्टी—दोनों प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ ट्रेड करते नजर आए। सेंसेक्स लगभग 163 अंक लुढ़क कर 81,996.80 के स्तर पर आ गया, जबकि निफ्टी भी 57 अंकों की गिरावट के साथ 25,145.40 के स्तर पर फिसल गया। इस गिरावट की मुख्य वजहों में आईटी सेक्टर पर दबाव और वैश्विक संकेतों की नकारात्मकता प्रमुख रही।
कारोबार की शुरुआत में आईटी स्टॉक्स सबसे ज्यादा दबाव में नजर आए, जिससे निफ्टी आईटी इंडेक्स सुस्त शुरुआत के साथ खुला। वहीं, निफ्टी ऑटो इंडेक्स 1.4 फीसदी की तेजी के साथ टॉप सेक्टोरल गेनर के रूप में उभरा, जो निवेशकों के लिए थोड़ी राहत की बात रही। इसके उलट, रियल्टी और पीएसयू बैंक इंडेक्स में हल्की गिरावट देखी गई, जिससे बाजार की समग्र धारणा थोड़ी कमजोर बनी रही।
रुपया भी कमजोर, डॉलर के मुकाबले गिरकर रिकॉर्ड निचले स्तर पर
विदेशी मुद्रा बाजार में भी निराशा का माहौल बना रहा। मंगलवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 25 पैसे टूटकर 88.53 के स्तर पर आ गया, जो अब तक का सबसे निचला इंट्राडे स्तर है। रुपये में आई इस कमजोरी का कारण अमेरिका द्वारा भारत से आयातित उत्पादों पर टैरिफ बढ़ाना और H-1B वीज़ा फीस में वृद्धि जैसे नकारात्मक संकेत रहे, जिसने विदेशी निवेशकों की भावना को प्रभावित किया।
इंटरबैंक फॉरेक्स मार्केट में रुपया 88.41 पर खुला था, लेकिन जल्द ही गिरावट के साथ 88.53 तक फिसल गया। सोमवार को भी रुपये ने 12 पैसे की गिरावट दर्ज की थी और 88.28 पर बंद हुआ था, जिससे लगातार कमजोरी का रुख बना हुआ है।
एशियाई बाजारों में मिलाजुला रुख, हांगकांग और शंघाई में गिरावट
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एशियाई शेयर बाजारों में मंगलवार को मिलाजुला रुख देखने को मिला। अमेरिका के वॉल स्ट्रीट पर लगातार तेजी के बावजूद, एशियाई निवेशक सतर्क नजर आए। टोक्यो में राष्ट्रीय अवकाश के कारण बाजार बंद रहा, जबकि ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 इंडेक्स 0.6 प्रतिशत की तेजी के साथ 8,861.10 पर बंद हुआ।
दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स भी हल्की बढ़त के साथ 3,479.23 पर पहुंचा, लेकिन हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स 0.8 प्रतिशत लुढ़क कर 26,125.56 पर आ गया। शंघाई कंपोजिट इंडेक्स में 1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 3,788.66 पर बंद हुआ। इन गिरावटों का मुख्य कारण अमेरिकी टैरिफ वार्ताओं को लेकर अनिश्चितता बताई जा रही है।
वॉल स्ट्रीट बना मजबूत, लगातार तीसरे दिन रिकॉर्ड ऊंचाई
अमेरिकी बाजारों में हालांकि मजबूती का माहौल रहा। एसएंडपी 500 इंडेक्स ने शुरुआती गिरावट से उबरते हुए 0.4 प्रतिशत की तेजी हासिल की, वहीं डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 66 अंक यानी 0.1 प्रतिशत चढ़ा। नैस्डैक कंपोजिट इंडेक्स ने 0.7 प्रतिशत की उछाल के साथ कारोबार पूरा किया। यह लगातार तीसरा दिन था जब अमेरिका के तीनों प्रमुख सूचकांक अपने सर्वकालिक उच्चतम स्तर पर बंद हुए।
घरेलू बाजार की गिरावट और रुपये की कमजोरी ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। हालांकि कुछ सेक्टर्स जैसे ऑटो में मजबूती दिखाई दी, लेकिन आईटी, रियल्टी और बैंकिंग स्टॉक्स पर दबाव कायम रहा। एशिया में मिलाजुला माहौल और वैश्विक व्यापारिक अस्थिरता के चलते भारतीय बाजारों में अगले कुछ दिनों तक उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।














