
भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार को उतार-चढ़ाव भरे कारोबारी सत्र के बाद कमजोरी के साथ दिन का अंत किया। हालांकि कुछ सेक्टर्स ने मजबूती दिखाई, लेकिन कुल मिलाकर निवेशकों की धारणा पर वेदांता समूह से जुड़ी विवादित रिपोर्ट और वैश्विक व्यापार तनाव का असर दिखा। सेंसेक्स में 176 अंकों की गिरावट और वेदांता के शेयरों में 3% से ज्यादा की गिरावट ने बाजार को कमजोर किया।
सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट, मिडकैप-स्मॉलकैप में मिश्रित रुख
बुधवार के सत्र में बीएसई सेंसेक्स 176.43 अंक या 0.21% की गिरावट के साथ 83,536.08 पर बंद हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी 46.40 अंक या 0.18% की कमजोरी के साथ 25,476.10 पर आकर थमा।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में मिलाजुला कारोबार देखने को मिला।
निफ्टी मिडकैप 100: 0.13% गिरावट के साथ 59,339.60
निफ्टी स्मॉलकैप 100: 0.59% की बढ़त के साथ 19,007.40
वेदांता पर विवाद की छाया, शेयर 3.29% गिरा
इस दिन बाजार की सबसे बड़ी सुर्खी वेदांता ग्रुप को लेकर रही। अमेरिकी शॉर्ट-सेलर वायसराय रिसर्च द्वारा जारी एक रिपोर्ट में वेदांता को एक “पोंजी स्कीम” की तरह बताया गया, जिससे कंपनी के शेयरों में जोरदार गिरावट देखी गई। रिपोर्ट के चलते वेदांता के शेयर 3.29 प्रतिशत टूटकर 441.30 रुपये पर बंद हुए। हालांकि वेदांता समूह की ओर से इन आरोपों का खंडन किया गया है।
सेक्टोरल प्रदर्शन: FMCG और ऑटो में बढ़त, IT और मेटल में गिरावट
सेक्टोरल प्रदर्शन की बात करें तो ऑटो, फार्मा, एफएमसीजी और फाइनेंशियल सर्विसेस जैसे सेक्टरों में मजबूती दिखी जबकि आईटी, पीएसयू बैंक, मेटल, रियल एस्टेट, एनर्जी और मीडिया शेयरों में गिरावट आई। विश्लेषकों के अनुसार, घरेलू खपत आधारित क्षेत्रों में सकारात्मक रुझान बना हुआ है और एफएमसीजी कंपनियों की शुरुआती टिप्पणियों से संकेत मिलते हैं कि महंगाई में नरमी, मानसून की अच्छी शुरुआत और ग्रामीण मांग में सुधार से इस क्षेत्र को मजबूती मिल रही है।
सेंसेक्स में कई प्रमुख शेयरों में मजबूती देखी गई। बजाज फाइनेंस, हिंदुस्तान यूनिलीवर (एचयूएल), अल्ट्राटेक सीमेंट, महिंद्रा एंड महिंद्रा, आईटीसी, पावर ग्रिड, एशियन पेंट्स, एचडीएफसी बैंक, बजाज फिनसर्व, मारुति सुजुकी और कोटक महिंद्रा बैंक जैसे स्टॉक्स बाजार में सबसे ज्यादा फायदे में रहे। दूसरी ओर, एचसीएल टेक, टाटा स्टील, टेक महिंद्रा और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसे दिग्गज शेयरों में गिरावट दर्ज की गई और वे टॉप लूजर्स की सूची में शामिल रहे।
विश्लेषकों की राय: घरेलू कारक बन रहे मजबूती की वजह
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा कि बाजार में सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। हालांकि घरेलू उपभोग, FMCG कंपनियों की सकारात्मक टिप्पणियों, मुद्रास्फीति में कमी, अच्छे मानसून और ग्रामीण मांग में सुधार जैसे कारकों ने निवेशकों की धारणा को कुछ हद तक मजबूती दी है।
उन्होंने कहा कि भले ही वैश्विक व्यापार तनाव और कमोडिटी टैरिफ की अनिश्चितता बनी हुई हो, लेकिन निवेशकों का ध्यान अब घरेलू आय और बुनियादी ढांचे पर खर्च जैसे संरचनात्मक सुधारों की ओर जा रहा है, जिससे आगे बाजार को नई दिशा मिल सकती है।
बुधवार का दिन भारतीय शेयर बाजार के लिए हल्की गिरावट और सतर्कता के संकेतों के साथ समाप्त हुआ। वेदांता ग्रुप को लेकर आई रिपोर्ट ने निवेशकों में चिंता पैदा की, जबकि FMCG और ऑटो सेक्टर में सकारात्मक रुझान ने संतुलन बनाने की कोशिश की। आने वाले दिनों में विदेशी संकेत, मानसून की प्रगति और तिमाही आय के आंकड़े बाजार की दिशा तय करेंगे।














