
महाराष्ट्र विधानसभा में गुरुवार को ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने लोकतंत्र पर गहरा असर डाला। भाजपा विधायक गोपीचंद पडलकर और शरद पवार की एनसीपी के नेता जितेंद्र अव्हाड के समर्थकों के बीच अचानक तीखी झड़प हो गई। यह कोई सामान्य बहस नहीं थी, बल्कि एक हिंसक टकराव था, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में स्पष्ट दिखाई देता है कि नेता न सिर्फ एक-दूसरे पर मुक्के बरसा रहे हैं, बल्कि एक-दूसरे की कॉलर तक पकड़ ली गई।
राजनीति में संवाद की जगह मारपीट क्यों?
महाराष्ट्र की राजनीति को अब तक संयम, सहयोग और सौहार्द्र के लिए जाना जाता रहा है। यहाँ अलग-अलग विचारधाराओं वाले नेता भी एक-दूसरे से गरिमा के साथ पेश आते रहे हैं। ऐसे में यह दृश्य पूरे राज्य की छवि पर सवाल खड़े करता है और स्वाभाविक रूप से आम जनता भी चिंतित है। इस घटना ने पूरे राजनीतिक माहौल को झकझोर दिया है।
राष्ट्रपति शासन की मांग उठी
इसी घटनाक्रम के बीच शिवसेना (उद्धव गुट) के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने बड़ा बयान दिया है। उनका कहना है कि राज्य की कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है और अब महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने शुक्रवार को बताया कि महाविकास अघाड़ी के नेता राज्यपाल से मिलकर विधानसभा की इस शर्मनाक घटना की पूरी जानकारी साझा करेंगे।
“विधानसभा में घुसे हथियारबंद लोग, इरादा था हमला”
संजय राउत ने आरोप लगाया कि कुछ लोग हथियार लेकर विधानसभा में घुसे थे और उनका इरादा गैंगवार जैसी घटना को अंजाम देना था। उन्होंने दावा किया कि विधायक जितेंद्र अव्हाड को मारने की साजिश रची गई थी। उनका यह भी कहना है कि आखिर किसकी अनुमति से ऐसे लोग विधानसभा परिसर तक पहुंच गए?
स्पीकर सुनाएंगे फैसला, पुलिस ने की गिरफ्तारी
विधानसभा के स्पीकर राहुल नार्वेकर को इस घटना की रिपोर्ट सौंप दी गई है और दोपहर 1:30 बजे वह इस पर अपना फैसला सुनाने वाले हैं। वहीं, पुलिस ने दोनों पक्षों के एक-एक समर्थक को हिरासत में लिया है। इस झगड़े ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा है।














