
महाराष्ट्र के भिवंडी इलाके में तड़के एक लूम फैक्ट्री में अचानक भड़की आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। खोनी गांव के सिद्धार्थ नगर क्षेत्र में हुई इस घटना ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। आग बुझाने के दौरान फैक्ट्री परिसर में रखा एक बड़ा सिलेंडर फट गया, जिससे हालात और गंभीर हो गए। इस हादसे में एक अग्निशमन कर्मी घायल हो गया, जिसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया।
कैसे लगी आग और कितना हुआ नुकसान?
सिद्धार्थ नगर स्थित लूम फैक्ट्री में अचानक आग लगने की सूचना मिलते ही आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। चंद ही मिनटों में आग इतनी फैल गई कि पूरी फैक्ट्री उसकी चपेट में आ गई। लूम मशीनें, अन्य भारी उपकरण और कपड़ों का बड़ा भंडार जलकर राख हो गया। आग की लपटें पास की तीन अन्य लूम फैक्ट्रियों तक पहुंच गईं, जिससे उन्हें भी भारी नुकसान हुआ। शुरुआती जानकारी के मुताबिक इस अग्निकांड में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन आर्थिक क्षति काफी बड़ी बताई जा रही है।
Bhiwandi, Maharashtra: A cylinder explosion at Jyoti Textile power loom factory in Siddharth Nagar, Khoni village, sparked a fire that destroyed the factory and three nearby units, burning a large stock of machines and fabrics, though no casualties were reported. pic.twitter.com/RypK4KflEc
— IANS (@ians_india) December 24, 2025
आग बुझाते समय सिलेंडर ब्लास्ट, फायरफाइटर हुआ घायल
आग पर काबू पाने की कोशिश के दौरान फैक्ट्री में रखा एक बड़ा सिलेंडर अचानक फट पड़ा। तेज धमाके के साथ फैली आग से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इस सिलेंडर ब्लास्ट में अग्निशमन विभाग के कर्मी कांतिलाल गूजर गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत भिवंडी के उपजिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत फिलहाल स्थिर है। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया। हालांकि, ब्लास्ट के बाद आग बुझाने का काम कुछ समय के लिए और मुश्किल हो गया।
स्थानीय लोगों ने सुनाई दहशतभरी आपबीती, जांच जारी
घटना के प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सुबह करीब 5:30 बजे अचानक आग की ऊंची लपटें दिखाई दीं। एक स्थानीय निवासी के मुताबिक, खिड़की खोलते ही फैक्ट्री से आग निकलती नजर आई, जिसके बाद लोग जान बचाने के लिए नीचे की ओर भागे। लोगों का कहना है कि शुरुआत में एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंच पाई और करीब 20–25 मिनट बाद राहत वाहन मौके पर आया। स्थानीय लोगों के अनुसार, सवा पांच बजे पहला धमाका हुआ और लगभग छह बजे दो और तेज विस्फोट सुनाई दिए। उनका मानना है कि हालात और बिगड़ सकते थे। फिलहाल प्रशासन ने आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच शुरू कर दी है और औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों की समीक्षा के संकेत दिए हैं।














