
रांची से दिल्ली जा रही एयर एंबुलेंस सोमवार, 23 फरवरी 2026 की रात झारखंड के चतरा जिले में दुर्घटना का शिकार हो गई। इस दर्दनाक हादसे में विमान में सवार सभी सात लोग मारे गए, जिनमें एक गंभीर बर्न इंजरी का मरीज भी शामिल था। अधिकारियों ने बताया कि विमान ने खराब मौसम के कारण रूट बदलने की अनुमति मांगी थी, लेकिन उसके तुरंत बाद विमान का संपर्क ATC से टूट गया। यह घटना भारतीय एविएशन सेक्टर में सेफ्टी को लेकर फिर सवाल उठा रही है, खासकर हाल ही में महाराष्ट्र के बारामती में हुए चार्टर्ड जेट क्रैश के बाद।
हादसे को समझें 6 मुख्य बिंदुओं में:
हादसे का समय और स्थान:
विमान रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से शाम 7:11 बजे उड़ान भर चुका था। दुर्घटना चतरा जिले में हुई, जहां सभी सात लोगों की मौत हो गई।
विमान की जानकारी:
हादसे का शिकार विमान एक बीचक्राफ्ट C90 मॉडल का था, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर VT-AJV था। इसे दिल्ली स्थित रेडबर्ड एयरवेज प्राइवेट लिमिटेड ऑपरेट कर रही थी।
मौसम और रूट डेविएशन:
कोलकाता ATC से संपर्क में रहने के दौरान विमान ने खराब मौसम के कारण रूट बदलने की अनुमति मांगी थी। शाम 7:34 बजे विमान का संपर्क और रडार कॉन्टैक्ट टूट गया। हादसा वाराणसी से लगभग 100 NM साउथ-ईस्ट में हुआ।
सवार लोगों की पहचान:
हादसे में मृतक 7 लोगों में शामिल थे:
संजय कुमार (41 साल, 63% जलने की चोटें, मरीज)
डॉक्टर विकास कुमार गुप्ता
पैरामेडिकल स्टाफ सचिन कुमार मिश्रा
अटेंडेंट अर्चना देवी और ध्रुव कुमार
पायलट विवेक विकास भगत
को-पायलट सवरजदीप सिंह
कंपनी का परिचय:
रेडबर्ड एयरवेज की स्थापना 2018 में अक्षय कुमार ने की थी। 2019 में कंपनी को नॉन-शेड्यूल्ड फ्लाइट्स (चार्टर और एयर एंबुलेंस) चलाने का परमिट मिला। कंपनी की वेबसाइट के अनुसार, यह 24/7 मेडिकल इवैक्यूएशन सर्विस प्रदान करती है, जिसमें एडवांस्ड लाइफ-सेविंग इक्विपमेंट मौजूद होते हैं।
फ्लीट और पिछला रिकॉर्ड:
कंपनी के पास 7 विमान हैं, जिनमें Embraer Legacy 600 और Dassault Falcon 2000 शामिल हैं। हालिया क्रैश ने चार्टर्ड जेट ऑपरेटर्स की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर जनवरी में महाराष्ट्र के बारामती में हुए लियरजेट क्रैश के बाद, जिसमें डिप्टी सीएम अजीत पवार समेत पांच लोगों की मौत हुई थी।
हादसे की संभावित वजह:
रांची एयरपोर्ट के डायरेक्टर विनोद कुमार ने कहा, “खराब मौसम हादसे की वजह हो सकती है, लेकिन असली कारण जांच में सामने आएगा।” यह हादसा ऐसे समय हुआ है जब चार्टर्ड प्लेन और एयर एंबुलेंस की सुरक्षा पर बहस तेज हो रही है। जनवरी में बारामती क्रैश में भी चार्टर्ड ऑपरेटर्स की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे थे।
जांच की स्थिति:
DGCA अब सभी नॉन-शेड्यूल्ड ऑपरेटर्स का विशेष ऑडिट कर रही है, लेकिन रिपोर्ट अभी सार्वजनिक नहीं हुई हैं। बारामती क्रैश के ऑपरेटर VSR वेंचर्स की जांच रिपोर्ट भी अभी तक सामने नहीं आई। ये घटनाएं दर्शाती हैं कि प्राइवेट जेट्स और एयर एंबुलेंस की सुरक्षा नियमों को और कड़ा करने की आवश्यकता है।














