
जम्मू के बख्शी नगर इलाके में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पुलिस की कार्यप्रणाली और इंसानी गरिमा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लूट के एक आरोपी को सार्वजनिक रूप से सजा देने के नाम पर पुलिस ने कुछ ऐसा किया, जिसकी चारों ओर चर्चा हो रही है। तीमारदार से 40,000 रुपये की लूट के आरोप में गिरफ्तार किए गए युवक को पुलिस ने अर्द्धनग्न किया, उसके गले में जूतों की माला पहनाई और वाहन की बोनट पर बिठाकर महेशपुरा से थाने तक करीब आधा किलोमीटर तक परेड करवाई। इस आरोपी की पहचान श्रीनगर निवासी इशफाक अहमद के रूप में हुई है।
घटना 6 जून की बताई जा रही है, जब उधमपुर के मरोटी तहसील चनैनी गांव निवासी सुरिंदर सिंह से इशफाक ने लूट की थी। उस वक्त सुरिंदर अपने बीमार पिता का इलाज कराने के लिए जम्मू के सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (जीएमसी) आया हुआ था। मंगलवार दोपहर जब वह फिर से अपने पिता के इलाज के लिए बोन एंड जाइंट अस्पताल, बख्शी नगर पहुंचा, तो उसकी नजर उसी इशफाक पर पड़ी और पुरानी घटना ताजा हो गई।
सुरिंदर ने बिना देर किए आरोपी को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन खुद को बचाने के प्रयास में इशफाक ने ब्लेड से उस पर हमला कर दिया, जिससे सुरिंदर घायल हो गया। शोर सुनकर अस्पताल में मौजूद लोग एकत्र हो गए और उन्होंने आरोपी को धर दबोचा। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। बख्शी नगर थाने के प्रभारी आजाद मन्हास अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और इशफाक को हिरासत में लिया। बताया गया कि आरोपी नशे की हालत में था और पुलिस से बदसलूकी कर रहा था।
इसके बाद जो हुआ, उसने सबको चौंका दिया। पुलिस ने आरोपी को अर्द्धनग्न कर उसके गले में जूतों की माला पहनाई और उसे वाहन की बोनट पर बैठाकर पूरे इलाके में घुमाया गया। यह नजारा जिसने भी देखा, स्तब्ध रह गया। यही नहीं, इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिससे पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर तीखी आलोचनाएं शुरू हो गईं।
हालांकि कुछ स्थानीय लोगों ने इस कार्रवाई को अपराधियों को सबक सिखाने वाला बताया, लेकिन बड़ी संख्या में लोगों ने इसे कानून और इंसानियत के खिलाफ बताया। उनका कहना था कि भले ही आरोपी दोषी हो, पर उसके साथ ऐसा व्यवहार पुलिस की गरिमा को ठेस पहुंचाता है।
विवाद बढ़ने के बाद पुलिस विभाग बैकफुट पर आ गया है। इस मामले में जम्मू के एसएसपी ने विभागीय जांच के आदेश दे दिए हैं। पुलिस की ओर से जारी बयान में कहा गया कि वीडियो में जो कुछ दिखाया गया, वह अनुशासित बल के लिए अनुचित और अशोभनीय है। एसडीपीओ सिटी नॉर्थ जम्मू को इस मामले की जांच सौंपी गई है और एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी गई है।
प्रशासन ने साफ शब्दों में कहा है कि इस तरह का व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जो भी पुलिसकर्मी इस घटना में दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। जनता की नजरें अब इस जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे तय होगा कि कानून के रखवालों के लिए कानून कितना मायने रखता है।














