
गुजरात की सियासत को अक्सर भारतीय जनता पार्टी का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है, लेकिन हालिया निकाय चुनावों ने इस धारणा में हलचल पैदा कर दी है। इस चुनाव में समाजवादी पार्टी की साइकिल भी दौड़ती नजर आई, वहीं AIMIM ने भी पहली बार प्रभावशाली तरीके से अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। इन नतीजों ने साफ संकेत दिए हैं कि राज्य की स्थानीय राजनीति में अब नए समीकरण बनते दिख रहे हैं। आइए जानते हैं कि किन-किन सीटों पर इन पार्टियों ने जीत हासिल कर सबको चौंकाया।
कुटियाना में सपा का शानदार प्रदर्शन
पोरबंदर जिले की कुटियाना नगरपालिका के वार्ड नंबर 6 में सपा उम्मीदवार रभीबेन कानाभाई रायगा ने प्रभावशाली जीत दर्ज की। इस जीत के साथ अखिलेश यादव की पार्टी ने गुजरात में अपनी मौजूदगी का दमदार संकेत दिया है। यह मुकाबला स्थानीय विधायक कंधल जडेजा की प्रतिष्ठा से भी जुड़ा हुआ था, जहां भाजपा और कांग्रेस दोनों ने पूरी ताकत झोंकी थी, लेकिन अंत में सपा उम्मीदवार ने बाजी मार ली। कुटियाना का यह परिणाम राजनीतिक विश्लेषकों के लिए खास मायने रखता है।
काठलाल में भी दिखा सपा का असर
सिर्फ कुटियाना ही नहीं, बल्कि खेड़ा जिले की काठलाल नगरपालिका में भी समाजवादी पार्टी ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। यहां वार्ड नंबर 4 में सपा उम्मीदवार की जीत ने यह संकेत दिया है कि स्थानीय स्तर पर मुकाबला अब द्विपक्षीय नहीं रहा, बल्कि त्रिकोणीय रूप ले चुका है। इस जीत ने पार्टी के विस्तार की संभावनाओं को और मजबूत किया है।
भुज में AIMIM की एंट्री
कच्छ जिले के भुज में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने पहली बार जीत हासिल कर बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है। भुज नगर पालिका के वार्ड नंबर 1 में पार्टी के तीन उम्मीदवारों—सरफराज, मुख्तार और रोशन—ने जीत दर्ज की। भाजपा के प्रभाव वाले इस इलाके में AIMIM की यह सफलता इस बात का संकेत है कि मतदाता अब पारंपरिक विकल्पों से आगे बढ़कर नए राजनीतिक विकल्पों की ओर भी रुख कर रहे हैं।
2027 विधानसभा चुनाव का संकेत
गुजरात में हुए इन निकाय चुनावों को आगामी विधानसभा चुनावों का सेमीफाइनल माना जा रहा है। करीब 9,200 सीटों पर हुए मतदान की मतगणना कड़ी सुरक्षा के बीच जारी है। इस चुनाव में 15 नगर निगम, 84 नगरपालिकाएं, 34 जिला पंचायतें और 260 तालुका पंचायतें शामिल रही हैं। साथ ही नवसारी, गांधीधाम, मोरबी और वापी जैसे शहरों में नए नगर निगमों के लिए पहली बार मतदान हुआ, जिसने चुनाव को और दिलचस्प बना दिया।
कड़ा मुकाबला और बदलते समीकरण
इस चुनाव में कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी और आम आदमी पार्टी के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। इसके साथ ही AIMIM ने भी कई सीटों पर अपनी ताकत आजमाई। अब सभी की नजरें नतीजों पर टिकी हैं, जो यह तय करेंगे कि क्या भाजपा अपनी पिछली बड़ी जीत को दोहरा पाएगी या विपक्षी दल और नए खिलाड़ी राज्य की राजनीति में नई जगह बना पाएंगे।













