स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम् के गायन को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक बयानबाजी का मुद्दा बन गया है। बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी के शीर्ष नेताओं की ओर से वंदे मातरम् का लगातार तिरस्कार किया जा रहा है। उन्होंने सोनिया गांधी और कांग्रेस नेतृत्व से इस मामले में माफी मांगने की मांग की।
रविशंकर प्रसाद ने वंदे मातरम् विवाद के साथ-साथ कांग्रेस पर माओवाद और नक्सलवाद को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने पुराने राजनीतिक घटनाक्रमों का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर कई आरोप लगाए।
वंदे मातरम् विवाद पर क्या बोले रविशंकर प्रसाद?
बीजेपी सांसद ने दावा किया कि कांग्रेस मुख्यालय में हुए कार्यक्रम के वीडियो में सोनिया गांधी की ओर से वंदे मातरम् के गायन को लेकर आपत्ति जताई जाती दिखाई देती है। रविशंकर प्रसाद के मुताबिक, वीडियो में सोनिया गांधी एक स्टैंजा गाए जाने की बात करती नजर आती हैं और पूछती हैं कि पूरा गीत क्यों गाया जा रहा है।
उन्होंने कांग्रेस की उस सफाई पर भी सवाल उठाया, जिसमें कहा गया है कि सोनिया गांधी उस समय कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के लिए कुर्सी की व्यवस्था कराने की कोशिश कर रही थीं। रविशंकर प्रसाद ने इस स्पष्टीकरण को स्वीकार नहीं किया और कहा कि कार्यक्रम में ऐसी कुर्सी दिखाई नहीं दे रही थी।
कांग्रेस नेतृत्व से माफी की मांग
रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस देश के स्वतंत्रता आंदोलन में अपनी भूमिका की बात करती है, ऐसे में उसके मौजूदा नेतृत्व पर वंदे मातरम् के कथित अपमान का आरोप लगना गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि इस मामले में कांग्रेस नेतृत्व को माफी मांगनी चाहिए और इसे सही ठहराने का कोई आधार नहीं है।
हालांकि, वंदे मातरम् को लेकर लगाए गए आरोपों पर कांग्रेस पहले ही सफाई दे चुकी है और उसने गीत को रोकने की कोशिश के आरोप को खारिज किया है। कांग्रेस के अनुसार, सोनिया गांधी मल्लिकार्जुन खरगे के लिए कुर्सी मांग रही थीं, क्योंकि वह कुछ समय से खड़े थे।
माओवाद और नक्सलवाद पर भी कांग्रेस को घेरा
वंदे मातरम् विवाद के अलावा रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस पर माओवाद और नक्सलवाद को लेकर भी हमला बोला। उन्होंने मनमोहन सिंह सरकार के समय हुई माओवादी हिंसा का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौर में 76 बीएसएफ और सीआरपीएफ जवानों की हत्या हुई थी और सरकार की ओर से बातचीत की पेशकश की गई थी।
उन्होंने जेएनयू में हुए एक कार्यक्रम का भी उल्लेख किया और आरोप लगाया कि हमले में शामिल लोगों के स्वागत की योजना बनाई गई थी। रविशंकर प्रसाद ने इन घटनाओं को कांग्रेस की कथित नीतियों और रवैये से जोड़ते हुए पार्टी पर सवाल उठाए।
वंदे मातरम् के रचयिता के वंशज ने भी जताई नाराजगी
इस विवाद के बीच वंदे मातरम् के रचयिता बंकिम चंद्र चटर्जी के वंशज सुमित्रो चटर्जी की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। उन्होंने सोनिया गांधी को पत्र लिखकर इस पूरे घटनाक्रम पर दुख जताया।
सुमित्रो चटर्जी ने अपने पत्र में वंदे मातरम् के गायन में कथित रूप से रुकावट डालने की कोशिश को गंभीर विषय बताया और इसे एक ऐतिहासिक गलती की पुनरावृत्ति करार दिया।
इस तरह कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान वंदे मातरम् गायन को लेकर शुरू हुआ विवाद अब बीजेपी और कांग्रेस के बीच तीखी राजनीतिक बहस का रूप ले चुका है। एक ओर बीजेपी नेता कांग्रेस नेतृत्व से माफी की मांग कर रहे हैं, वहीं कांग्रेस आरोपों को खारिज करते हुए अपनी अलग सफाई दे रही है।
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