पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव से पहले सियासी घटनाक्रम तेजी से बदल रहा है। ममता बनर्जी के खेमे की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे के नामांकन वापस लेने के बाद कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने का ऐलान किया गया। इसके कुछ ही घंटों बाद मिलन प्रधान को पुलिस ने एक पुराने हत्या मामले में गिरफ्तार कर लिया। इस पूरे घटनाक्रम पर अब नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया की सांसद सायोनी घोष ने प्रतिक्रिया दी है।
सायोनी घोष ने मिलन प्रधान की उम्मीदवारी और गिरफ्तारी को लेकर कहा कि उन्हें मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस उम्मीदवार के खिलाफ कुछ मामले लंबित थे। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले राजनीति में कई तरह के फैसले और कार्रवाई होती हैं। उनके मुताबिक इस मामले में संबंधित पक्ष चुनाव आयोग या अदालत का रुख कर सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी समेत सभी राजनीतिक दलों को अपने संवैधानिक अधिकारों का इस्तेमाल करने की स्वतंत्रता है।
कांग्रेस-TMC गठबंधन को लेकर क्या बोलीं सायोनी घोष
सायोनी घोष ने राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस और TMC के बीच गठबंधन की उम्मीद भी जताई। उन्होंने कहा कि अगर दोनों दल साथ आते हैं तो इससे यह संदेश जाएगा कि गठबंधन वास्तविक है और दोनों पार्टियों के बीच केवल नाम भर की साझेदारी नहीं है।
उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार को ममता बनर्जी के खेमे का समर्थन मिलने के बाद राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से बदला है। इससे पहले ममता बनर्जी के खेमे की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने 18 सितंबर को अपना नामांकन वापस ले लिया था। वह नंदीग्राम सीट से चुनाव लड़ने के लिए मैदान में थीं। नामांकन वापसी से एक दिन पहले उनका नामांकन वापस लेना सामने आया।
ममता बनर्जी ने कांग्रेस उम्मीदवार को दिया समर्थन
संचिता प्रधान डे के नामांकन वापस लेने के बाद ममता बनर्जी ने नंदीग्राम में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने की घोषणा की। इसके बाद मिलन प्रधान को पश्चिम बंगाल पुलिस ने एक पुराने मामले में गिरफ्तार कर लिया। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक यह मामला 2007 के नंदीग्राम भूमि आंदोलन से जुड़े पुराने हत्या मामलों में से एक है।
गिरफ्तारी के समय को लेकर कांग्रेस और ममता बनर्जी के खेमे ने सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेताओं ने इसे राजनीतिक कार्रवाई बताया, जबकि उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार पुलिस की कार्रवाई पुराने मामले और लंबित वारंट से जुड़ी थी। इन दोनों पक्षों के दावों को अलग-अलग रखना जरूरी है और गिरफ्तारी को अपने आप में दोष सिद्ध होना नहीं माना जा सकता।
राहुल गांधी ने बीजेपी पर लगाए आरोप
मिलन प्रधान की गिरफ्तारी के बाद लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया और बीजेपी पर निष्पक्ष चुनाव में भरोसा नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि गिरफ्तारी चुनावी मुकाबले को प्रभावित करने की कोशिश है। ये राहुल गांधी और कांग्रेस के राजनीतिक आरोप हैं, जिन्हें स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी गिरफ्तारी को लेकर बीजेपी पर आरोप लगाए और कहा कि कांग्रेस इस कार्रवाई के सामने नहीं झुकेगी। बीजेपी की ओर से लगाए गए इन आरोपों के संबंध में राजनीतिक पक्षों के अलग-अलग बयान सामने आए हैं।
6 अक्टूबर को होना है नंदीग्राम उपचुनाव
नंदीग्राम विधानसभा सीट पर उपचुनाव 6 अक्टूबर 2026 को निर्धारित है। चुनाव से पहले सीट पर उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों से जुड़े घटनाक्रम लगातार बदल रहे हैं। ममता बनर्जी के खेमे की उम्मीदवार के नामांकन वापस लेने के बाद उस खेमे ने कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन देने का फैसला किया है। इसके बाद मिलन प्रधान की गिरफ्तारी ने चुनावी माहौल में एक नया विवाद जोड़ दिया है।
फिलहाल सायोनी घोष ने इस पूरे मामले में राजनीतिक दलों के संवैधानिक अधिकारों और कांग्रेस-TMC के संभावित गठबंधन पर अपनी बात रखी है। नंदीग्राम उपचुनाव से पहले मिलन प्रधान की गिरफ्तारी और उसके बाद सामने आई राजनीतिक प्रतिक्रियाएं इस समय घटनाक्रम का प्रमुख हिस्सा हैं।













