
आम आदमी पार्टी (AAP) के बागी राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने पार्टी की ओर से लगाए जा रहे आरोपों पर खुलकर प्रतिक्रिया दी है। शनिवार को जारी किए गए एक वीडियो संदेश में उन्होंने न सिर्फ इन आरोपों का जवाब दिया, बल्कि पार्टी नेतृत्व से तीन सीधे सवाल भी पूछे। राघव ने कहा कि पिछले एक दिन से उनके खिलाफ योजनाबद्ध तरीके से बयानबाजी की जा रही है, लेकिन अब वह हर मुद्दे पर स्पष्ट रूप से अपनी बात रखेंगे।
वीडियो में राघव चड्ढा ने कहा कि उन पर लगाए जा रहे आरोप तथ्यों से परे हैं और उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर कब उन्होंने विपक्षी सांसदों के वॉकआउट का समर्थन नहीं किया। उन्होंने पार्टी को चुनौती देते हुए कहा कि अगर ऐसा कोई एक भी उदाहरण है, तो उसे सार्वजनिक किया जाए।
राघव ने दूसरा सवाल मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ लाए गए प्रस्ताव को लेकर उठाया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने उनसे इस पर हस्ताक्षर करने के लिए कब कहा था, इसका स्पष्ट जवाब दिया जाए। उन्होंने यह भी बताया कि सिर्फ उन्होंने ही नहीं, बल्कि पार्टी के 6-7 अन्य सांसदों ने भी इस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं किए थे, फिर केवल उन्हें ही निशाना क्यों बनाया जा रहा है।
तीसरे सवाल में उन्होंने अपने संसदीय कामकाज को लेकर बात की। राघव ने कहा कि वह संसद में झगड़ा करने नहीं, बल्कि जनता के मुद्दे उठाने के लिए आते हैं। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने पंजाब के जल संकट, दिल्ली की वायु गुणवत्ता और जीएसटी जैसे अहम मुद्दों को सदन में उठाया है। ऐसे में यह कहना कि उन्होंने पार्टी के मुद्दों को नजरअंदाज किया, पूरी तरह गलत है।
अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों को राघव चड्ढा ने सिरे से खारिज करते हुए उन्हें “झूठा और बेबुनियाद” बताया। उन्होंने कहा कि एक ही तरह की भाषा और आरोपों के साथ उनके खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि संसद में हर जगह सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, ऐसे में अगर उन्होंने कभी पार्टी का साथ नहीं दिया हो, तो उसका वीडियो सामने लाया जाए।
मैं बोलना नहीं चाहता था, मगर चुप रहता तो बार-बार दोहराया गया झूठ भी सच लगने लगता।
— Raghav Chadha (@raghav_chadha) April 4, 2026
Three Allegations. Zero Truth.
My Response: pic.twitter.com/tPdjp04TLt
मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रस्ताव पर हस्ताक्षर न करने के मुद्दे पर भी उन्होंने अपनी सफाई दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी ने उनसे इस संबंध में न तो आधिकारिक रूप से और न ही अनौपचारिक रूप से कोई निर्देश दिया था। ऐसे में इस आधार पर आरोप लगाना पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने दोहराया कि कई अन्य सांसदों ने भी हस्ताक्षर नहीं किए थे, लेकिन सवाल सिर्फ उन्हीं पर उठाए जा रहे हैं।
दरअसल, आम आदमी पार्टी ने शुक्रवार को राघव चड्ढा पर संसद में केंद्र सरकार के खिलाफ सक्रिय भूमिका न निभाने का आरोप लगाया था। पार्टी के दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा था कि राघव कई मामलों में पार्टी लाइन से अलग चल रहे हैं। वहीं, राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने भी उनकी आलोचना करते हुए सवाल उठाया था कि जो नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से “डरता” हो, क्या वह देश के लिए मजबूती से लड़ सकता है।
अनुराग ढांडा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए पश्चिम बंगाल में मतदान अधिकार से जुड़े मुद्दे का जिक्र किया और कहा कि जब मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ प्रस्ताव लाया गया, तब राघव चड्ढा ने उस पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। इसी मुद्दे को लेकर पार्टी के भीतर विवाद और गहरा गया।
कुल मिलाकर, इस पूरे घटनाक्रम ने आम आदमी पार्टी के अंदरूनी मतभेदों को खुलकर सामने ला दिया है। राघव चड्ढा के इस वीडियो बयान के बाद अब राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज हो गई है कि आने वाले दिनों में यह विवाद किस दिशा में आगे बढ़ेगा।













