स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लालकिले से देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की तैयारियों और आर्थिक मजबूती का उल्लेख किया। तिरंगा फहराने के बाद अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी से लेकर पश्चिम एशिया के संकट तक कई परिस्थितियां ऐसी रहीं, जिनमें लोगों को डराया गया, लेकिन देश इन चुनौतियों के बीच अपने पैरों पर खड़ा रहा। प्रधानमंत्री ने दावा किया कि देश में पेट्रोल, डीजल, गैस और यूरिया की उपलब्धता बनी हुई है।
पीएम मोदी ने कहा कि पिछले 10-12 वर्षों में तैयार की गई योजनाओं का असर संकट के समय दिखाई दिया है। उनके मुताबिक, कठिन परिस्थितियों के बावजूद भारत ने अपनी जरूरतों को पूरा करने की क्षमता बनाए रखी है।
पेट्रोल, गैस और खाद की उपलब्धता का किया जिक्र
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में उन आशंकाओं का उल्लेख किया, जिनमें वैक्सीन, गैस, डीजल और फर्टिलाइजर की उपलब्धता को लेकर लोगों को डराए जाने की बात कही गई। उन्होंने कहा कि संकटों के बावजूद देश में गैस, पेट्रोल और यूरिया उपलब्ध है।
पीएम मोदी ने कहा कि कुछ लोगों को संकट के दौरान लोगों के बीच डर पैदा करने में आनंद आता था। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक से अधिक समय में की गई तैयारियों का परिणाम यह है कि बड़े संकट आने के बाद भी देश अपने पैरों पर खड़ा रहा।
300 रुपये में यूरिया देने का दावा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों को उपलब्ध कराए जा रहे उर्वरकों की कीमतों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दुनिया में यूरिया की कीमत करीब 3,000 रुपये तक पहुंच गई है, जबकि भारत में किसानों को यह 300 रुपये में दिया जा रहा है।
इसी तरह उन्होंने डीएपी की कीमत का उदाहरण देते हुए कहा कि वैश्विक स्तर पर इसका दाम 5,000 रुपये तक पहुंच गया है, जबकि किसानों को भारत में डीएपी 1,350 रुपये में मिल रही है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने एक समय देश के सामने आत्मनिर्भरता का मंत्र रखा था। उनके मुताबिक, बदलते वैश्विक हालात में आत्मनिर्भरता का महत्व और अधिक सामने आया है।
संसाधनों के ‘वेपनाइजेशन’ पर पीएम मोदी की टिप्पणी
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने संसाधनों के इस्तेमाल को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि संकट के दौर में कुछ लोगों ने संसाधनों को ‘वेपनाइज’ करने का तरीका अपनाया है। उनके अनुसार, पेट्रोल, डीजल, दवाइयों और भूभाग तक को इस तरह इस्तेमाल किए जाने की कोशिश की जा रही है।
पीएम मोदी ने कहा कि ऐसे वैश्विक माहौल में यदि भारत आत्मनिर्भरता के रास्ते पर आगे नहीं बढ़ता, तो इस तरह की चुनौतियों का सामना करना मुश्किल होता। उन्होंने आत्मनिर्भरता को देश की रणनीतिक तैयारी से जोड़ते हुए इसके महत्व पर जोर दिया।
ट्रेड एग्रीमेंट को बताया बड़ा अवसर
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में ट्रेड एग्रीमेंट को भारत के लिए महत्वपूर्ण अवसर बताया। उन्होंने खास तौर पर देश के एमएसएमई क्षेत्र से इस अवसर का लाभ उठाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि भारतीय उद्योगों को वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा के लिए ऐसे उत्पाद तैयार करने होंगे, जो दुनिया में उपलब्ध विकल्पों से बेहतर और सस्ते हों। पीएम मोदी ने एमएसएमई से इस अवसर को नहीं गंवाने और वैश्विक स्तर पर अपनी क्षमता बढ़ाने का आह्वान किया।













