केंद्र सरकार ने पाकिस्तान स्थित शहजाद भट्टी नेटवर्क को गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम यानी UAPA के तहत आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया है। गृह मंत्रालय की ओर से 16 सितंबर 2026 को यह कार्रवाई की गई। मंत्रालय के मुताबिक नेटवर्क पर सीमा पार हथियार, विस्फोटक और मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल होने के साथ युवाओं और छोटे अपराधियों को आतंकवादी गतिविधियों की ओर धकेलने के आरोप हैं।
गृह मंत्रालय के अनुसार, शहजाद भट्टी नेटवर्क को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई लंबे समय से चल रही थी। मंत्रालय ने आरोप लगाया है कि नेटवर्क भारत में युवाओं को अपने साथ जोड़ने और उन्हें कट्टरपंथ की ओर ले जाने के लिए डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल करता था। इसके अलावा नेटवर्क पर भारत के लोकतांत्रिक ढांचे और सांप्रदायिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाने वाला नफरती डिजिटल कंटेंट प्रसारित करने का भी आरोप लगाया गया है।
इससे पहले अगस्त में सुरक्षा एजेंसियों ने शहजाद भट्टी नेटवर्क के खिलाफ कई राज्यों में समन्वित कार्रवाई की थी। गृह मंत्रालय की 17 अगस्त की जानकारी के मुताबिक 12 अगस्त को 14 राज्यों में कार्रवाई के दौरान 253 लोगों को हिरासत में लिया गया था। उत्तर प्रदेश में 62, हरियाणा में 52, दिल्ली में 51, पंजाब में 44 और राजस्थान में 15 लोगों को हिरासत में लिया गया था। महाराष्ट्र में आठ, उत्तराखंड में पांच, जबकि कर्नाटक, गुजरात और बिहार में तीन-तीन तथा तेलंगाना, जम्मू-कश्मीर और केरल में दो-दो लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी दी गई थी।
गृह मंत्रालय ने तब बताया था कि शहजाद भट्टी नेटवर्क के खिलाफ अब तक 80 से अधिक FIR और 200 से ज्यादा गिरफ्तारियां दर्ज की गई थीं। इन मामलों में UAPA के अलावा भारतीय न्याय संहिता, आर्म्स एक्ट, NDPS एक्ट और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम जैसी धाराओं के तहत कार्रवाई की गई। सुरक्षा एजेंसियों ने कार्रवाई के दौरान IED, पाकिस्तान ऑर्डनेंस फैक्ट्री की मार्किंग वाले ग्रेनेड, पिस्तौल, जिंदा कारतूस और कथित जासूसी के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले CCTV कैमरे बरामद किए थे।
अगस्त में उत्तर प्रदेश पुलिस ने भी केंद्र सरकार से शहजाद भट्टी और उसके नेटवर्क को UAPA के तहत आतंकवादी घोषित करने की सिफारिश की थी। यूपी पुलिस के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक कानून-व्यवस्था अमिताभ यश ने बताया था कि जुलाई में गृह मंत्रालय को पत्र भेजकर UAPA की धारा 35 के तहत नेटवर्क और उसके सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई का अनुरोध किया गया था। पुलिस ने नेटवर्क और उसके सदस्यों को कानून की संबंधित अनुसूची में शामिल करने की मांग की थी।
Pursuing PM Shri @narendramodi Ji's vision of zero tolerance against terror, the MHA declares the Shahzad Bhatti Network as a terrorist organisation under the UAPA.
— गृहमंत्री कार्यालय, HMO India (@HMOIndia) September 16, 2026
The group is involved in smuggling of arms, explosives and narcotics across borders, apart from inciting youths…
जांच एजेंसियों के अनुसार, शहजाद भट्टी से जुड़े नेटवर्क पर भारत में युवाओं को सोशल मीडिया के जरिए संपर्क में लाने और उन्हें आपराधिक तथा आतंकी गतिविधियों में शामिल करने के आरोप हैं। यूपी पुलिस ने ऐसे मामलों में कई आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी भी दी थी। हालांकि, अलग-अलग मामलों में लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्धारण संबंधित जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।
शहजाद भट्टी का नाम पंजाब में दर्ज कई आतंकी मामलों की जांच में भी सामने आया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी NIA ने अप्रैल 2026 में जालंधर में यूट्यूबर रोजर संधू के घर हुए ग्रेनेड हमले के मामले में शहजाद भट्टी समेत दो आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल करने की जानकारी दी थी। NIA ने भट्टी को उस मामले में फरार आरोपी बताया था और उस पर UAPA, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, आर्म्स एक्ट तथा भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए थे।
अब केंद्र की ओर से शहजाद भट्टी नेटवर्क को UAPA के तहत आतंकवादी संगठन घोषित किए जाने के बाद इस नेटवर्क के खिलाफ पहले से चल रही जांच और कानूनी कार्रवाई के लिए एक नया कानूनी आधार जुड़ गया है। फिलहाल गृह मंत्रालय की ताजा घोषणा में नेटवर्क से जुड़े आरोपों और पहले की सुरक्षा कार्रवाई का उल्लेख किया गया है, जबकि अलग-अलग मामलों में जांच और न्यायिक प्रक्रिया अपने-अपने स्तर पर जारी है।













