
कांवड़ यात्रा के शुभ अवसर पर राजधानी दिल्ली में सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए गए हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर हर चौराहे और मार्ग पर पुलिस की तैनाती की गई है, ताकि श्रद्धालु बिना किसी बाधा के अपनी यात्रा पूरी कर सकें। लेकिन इस बीच एक ऐसी घटना घट गई जिसने न सिर्फ प्रशासन बल्कि आम लोगों की चिंता भी बढ़ा दी।
कांवड़ मार्ग पर अचानक बिखरे कांच, श्रद्धालु सहमे
रविवार, 13 जुलाई को दिल्ली के शाहदरा इलाके में कांवड़ मार्ग पर एक ई-रिक्शा से लदे कांच के पैनल अचानक टूटकर सड़क पर बिखर गए। रास्ते भर फैले इन कांच के टुकड़ों ने कांवड़ लेकर जा रहे श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए। यह घटना चिंतामणि चौक और झिलमिल मेट्रो स्टेशन के बीच हुई, जहां पर रास्ता कांवड़ियों की आवाजाही का मुख्य मार्ग माना जाता है।
हिरासत में लिया गया ई-रिक्शा चालक, सीसीटीवी से जुटाए जा रहे सुराग
ई-रिक्शा चालक कुसुम पाल, जो गाजियाबाद का रहने वाला है, को पूछताछ के लिए पुलिस ने हिरासत में लिया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वह उत्तर प्रदेश के शालीमार गार्डन से दिल्ली के सीलमपुर 19 कांच के पैनल लेकर जा रहा था। तभी किसी वाहन ने पीछे से टक्कर मारी और पैनल टूटकर सड़क पर गिर गए। अब पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह वाकई एक हादसा था या किसी शरारती मंशा के तहत रचा गया षड्यंत्र।
It came to notice yesternight that large amount of shrads of broken glass had been strewn on a stretch of about one km road in Dilshad Garden, on the route of Kaanwar Yatris, who walk barefoot.
— LG Delhi (@LtGovDelhi) July 13, 2025
Instructed Police to reach the spot & directed PWD to immediately take corrective… pic.twitter.com/i68yFDW3ov
वीडियो वायरल होते ही मचा हड़कंप
यह मामला तब सुर्खियों में आया जब सीमापुरी के उप-विभागीय मजिस्ट्रेट (SDM) ने एक वीडियो शेयर किया जिसमें कांवड़ मार्ग पर टूटे हुए शीशे दिखाई दे रहे थे। खास बात यह रही कि यह वीडियो 10 जून को रिकॉर्ड किया गया था और एक स्थानीय युवक पीयूष ने इसे अपलोड किया था। उसने अपने दोस्त मोंटू से कांच फैले होने की जानकारी मिलने पर वीडियो बनाया था।
धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का मामला दर्ज
मामले की गंभीरता को देखते हुए सीमापुरी थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 125 और 299 के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। लोक निर्माण विभाग (PWD) के एक जूनियर इंजीनियर की ओर से भी पीसीआर कॉल की गई थी, जिसमें बताया गया कि यह मामला लापरवाही से कहीं ज्यादा गंभीर है और इसके पीछे धार्मिक भावनाएं भड़काने की मंशा हो सकती है।
नेताओं की सक्रियता और प्रशासन की सतर्कता
दिल्ली के कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा ने सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को उठाते हुए लिखा कि यह किसी शरारती तत्व की साजिश भी हो सकती है। उनका दावा था कि शाहदरा में करीब एक किलोमीटर तक शीशे के टुकड़े बिखेरे गए थे। दिल्ली नगर निगम और लोक निर्माण विभाग के कर्मचारी तत्काल सफाई में जुट गए। वहीं, स्थानीय विधायक संजय गोयल मौके पर पहुंचे और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मामले का संज्ञान लेकर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा है सर्वोपरि
इस घटना ने एक बार फिर यह याद दिला दिया कि आस्था के पर्व पर सतर्कता की कितनी जरूरत होती है। प्रशासन अब यह जांच कर रहा है कि कहीं यह पूरी घटना कांवड़ यात्रा को बाधित करने की सोची-समझी कोशिश तो नहीं थी। फिलहाल जांच जारी है और प्रशासन श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क है।














