
दिल्ली की सड़कों पर एक बार फिर जीवन की रफ्तार लौटने लगी है। 1 जुलाई 2025 से लागू की गई तेलबंदी की नीति, जिसने हजारों वाहन मालिकों को उलझन और तनाव में डाल दिया था, फिलहाल अस्थायी रूप से हटा दी गई है। इस नीति के तहत 10 साल पुरानी डीजल और 15 साल पुरानी पेट्रोल गाड़ियों को पेट्रोल पंप पर ईंधन नहीं दिया जा रहा था और अगर वे सड़कों पर मिलतीं, तो उन्हें जब्त किया जा रहा था। लेकिन राहत की खबर ये है कि अगर आपकी गाड़ी इस दौरान जब्त हो गई, या आपने डर के चलते जल्दीबाज़ी में बेच दी, तो घबराइए मत — आपकी गाड़ी अब भी वापस मिल सकती है।
तेलबंदी का माजरा क्या था?
दिल्ली सरकार ने प्रदूषण को नियंत्रण में लाने के उद्देश्य से 1 जुलाई से एक नई सख्त नीति लागू की थी। इसके तहत 10 साल से पुरानी डीजल और 15 साल से पुरानी पेट्रोल गाड़ियों को फ्यूल देने पर रोक लगा दी गई थी। सड़कों पर चलते हुए पकड़े जाने पर उन्हें सीज़ करने का आदेश था। पहले ही दिन ट्रैफिक पुलिस ने 80 गाड़ियां जब्त कर लीं — जिनमें 67 दोपहिया वाहन, 12 कारें और एक ऑटो शामिल था। लेकिन जनता की तीखी प्रतिक्रिया और ANPR कैमरों जैसी तकनीकी दिक्कतों के चलते सरकार को 3 जुलाई को ये नीति अस्थायी रूप से वापस लेनी पड़ी।
पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने लोगों की भावनाएं समझते हुए कहा, “हम प्रदूषण को जरूर रोकना चाहते हैं, लेकिन नागरिकों की रोजमर्रा की जिंदगी में मुश्किलें नहीं बढ़ाना चाहते।”
अगर आपकी गाड़ी जब्त हो गई है, तो घबराइए नहीं — अपनाइए ये स्टेप-बाय-स्टेप तरीका:
स्टेप 1: आवेदन करें, कागज़ तैयार रखें
क्या करें? सबसे पहले दिल्ली परिवहन विभाग के ऑफिस में आवेदन जमा करें। यह आपकी गाड़ी वापसी की औपचारिक मांग होगी।
कागज़ क्या चाहिए? गाड़ी की RC (रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट), पहचान पत्र (आधार कार्ड, वोटर ID आदि), और जब्ती का चालान।
स्टेप 2: स्क्रैपिंग सेल करेगी दस्तावेज़ों की जांच
क्या होगा? स्क्रैपिंग सेल यह सुनिश्चित करेगी कि गाड़ी की उम्र तय सीमा के भीतर है और आप ही उसके असली मालिक हैं।
क्यों जरूरी है? ताकि फर्जीवाड़ा या गलत दावे रोके जा सकें।
स्टेप 3: तय करें — दिल्ली में रखनी है या बाहर ले जानी है?
क्या विकल्प हैं? एक हलफनामा (एफिडेविट) देना होगा जिसमें यह स्पष्ट हो कि गाड़ी दिल्ली में निजी पार्किंग में रखी जाएगी या NCR से बाहर ले जाई जाएगी।
अगर दिल्ली में रखें: तो पार्किंग की पुष्टि के लिए गैरेज या निजी स्थान का प्रमाण दें।
अगर बाहर ले जाएं: तो NOC (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) लेना होगा।
गैर-दिल्ली रजिस्ट्रेशन वाली गाड़ी? तो यह स्पष्ट करें कि गाड़ी दिल्ली में क्यों थी।
स्टेप 4: जुर्माना जमा करें
कितना जुर्माना देना होगा? चार-पहिया वाहनों के लिए ₹10,000 और दो/तीन-पहिया वाहनों के लिए ₹5,000।
कैसे भरें? परिवहन विभाग के काउंटर या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से।
स्टेप 5: रिलीज़ ऑर्डर लीजिए और गाड़ी को छुड़ाइए
पहले मिलेगा प्रोविजनल रिलीज़ ऑर्डर, दस्तावेज़ों और भुगतान की पुष्टि के बाद।
फिर मिलेगा फाइनल रिलीज़ ऑर्डर, जिसके बाद आप सराय काले खां स्थित स्क्रैप यार्ड नंबर 5 से अपनी गाड़ी वापस ले सकते हैं।
क्या गाड़ी स्क्रैप हो सकती है?
अगर आपने 15 दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं की, तो आपकी गाड़ी स्क्रैप कर दी जाएगी। हालांकि, स्क्रैप की अनुमानित राशि आपको बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी। लेकिन अगर आपकी गाड़ी सिर्फ एक मशीन नहीं बल्कि आपकी यादों से जुड़ी है — जैसे आपकी पहली बाइक या पापा की दी हुई कार — तो तुरंत कार्रवाई करें।
अगर आपने डर के कारण गाड़ी बेच दी थी?
गाड़ी की स्थिति चेक करें: वाहन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन नंबर डालकर पता करें कि गाड़ी स्क्रैप या डी-रजिस्टर्ड तो नहीं हुई।
अगर गाड़ी मौजूद है: तो खरीदार से संपर्क करें और गाड़ी को वापस खरीदने की कोशिश करें।
औपचारिक आवेदन दें: जिसमें स्पष्ट हो कि आप गाड़ी वापस लेना चाहते हैं और वह स्क्रैप नहीं हुई।














