
आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल एक बड़े विवाद के घेरे में आ गए हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उनके आवास समेत कई ठिकानों पर अचानक छापेमारी की है, जिससे राजनीतिक हलकों में हड़कंप मच गया है। खास बात यह है कि हाल ही में ही पार्टी ने राघव चड्ढा को हटाकर अशोक मित्तल को राज्यसभा में डिप्टी लीडर की जिम्मेदारी सौंपी थी, और उसके तुरंत बाद हुई इस कार्रवाई ने मामले को और भी चर्चित बना दिया है। ईडी की यह कार्रवाई बुधवार को शुरू हुई, जिसमें मित्तल और उनके बेटे के ठिकानों को भी जांच के दायरे में लिया गया।
सूत्रों के मुताबिक, ईडी की टीम ने कुल 8 से 9 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की है। इनमें गुरुग्राम और पंजाब स्थित संपत्तियों के साथ-साथ सांसद और उनके परिवार से जुड़े अन्य परिसरों को भी शामिल किया गया है। अशोक मित्तल, जो लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) के प्रमुख हैं, उन पर फंड से जुड़ी कुछ अनियमितताओं की आशंका के चलते जांच की जा रही है। एजेंसी का फोकस विश्वविद्यालय से जुड़े वित्तीय लेन-देन और निवेश से संबंधित रिकॉर्ड पर बताया जा रहा है।
भाजपा द्वारा पंजाब चुनाव की तैयारी शुरू… आम आदमी पार्टी के राज्य सभा सांसद अशोक मित्तल के घर और यूनिवर्सिटी में ED की रेड..typical मोदी स्टाइल..
— Bhagwant Mann (@BhagwantMann) April 15, 2026
हम भो पत्ते नहीं
जो शाख से टूट कर
गिर जाएँगे
आंधियो को कह दो अपनी औक़ात में रहें
जांच का दायरा केवल निजी आवास तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जालंधर स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी परिसर तक भी ईडी की टीमें पहुंचीं। वहां भी दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की गहन जांच की जा रही है। इसके अलावा, उनके फार्म हाउस और अन्य संपत्तियों पर भी छापेमारी जारी है, जिससे पूरे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
यह कार्रवाई विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के कथित उल्लंघनों से जुड़ी बताई जा रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईडी की यह कार्रवाई बुधवार तड़के से शुरू हुई थी और कई घंटों तक लगातार जारी रही। यह भी सामने आया है कि जांच के दौरान एजेंसी ने स्थानीय पुलिस की सहायता नहीं ली, जिससे ऑपरेशन पूरी तरह गोपनीय तरीके से चलाया गया।
इस बीच, राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा राजनीतिक लाभ के लिए ऐसे कदम उठा रही है और पंजाब चुनाव को ध्यान में रखकर इस तरह की कार्रवाइयां की जा रही हैं। मान के इस बयान के बाद मामला और अधिक राजनीतिक रंग लेता दिख रहा है।
गौरतलब है कि 61 वर्षीय अशोक मित्तल एक प्रतिष्ठित उद्योगपति और शिक्षाविद हैं तथा लवली ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के संस्थापक भी हैं। हाल ही में उन्हें आम आदमी पार्टी की ओर से राज्यसभा में डिप्टी लीडर नियुक्त किया गया था, जिसके तहत उन्होंने राघव चड्ढा की जगह यह जिम्मेदारी संभाली। अब इसी नियुक्ति के कुछ समय बाद हुई ईडी की छापेमारी ने राजनीतिक और शैक्षणिक दोनों क्षेत्रों में हलचल बढ़ा दी है।













