
राजधानी दिल्ली में स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने की घटनाएँ लगातार चिंता का कारण बन रही हैं। ताज़ा मामले में बुधवार सुबह एक बार फिर पाँच अलग-अलग स्कूलों को धमकी भरे ई-मेल प्राप्त हुए। जैसे ही सूचना संबंधित अधिकारियों तक पहुँची, सुरक्षा की दृष्टि से तत्काल सभी स्कूल खाली करा दिए गए। छात्र-छात्राओं और स्टाफ को सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया और पुलिस, बम निरोधक दस्ते व अग्निशमन विभाग की टीमें मौके पर पहुँचीं। यह घटना पिछले चार दिनों में तीसरी बार सामने आई है, जब स्कूलों को इस तरह की धमकियों का सामना करना पड़ा है।
किन-किन स्कूलों को मिली धमकी
जानकारी के मुताबिक, प्रसाद नगर इलाके और द्वारका सेक्टर-5 स्थित बीजीएस इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल सहित पाँच विद्यालयों को ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की चेतावनी दी गई। पुलिस और फायर ब्रिगेड मौके पर मौजूद हैं और पूरे क्षेत्र को जांच के लिए घेर लिया गया है। शुरुआती रिपोर्ट्स में किसी भी तरह का संदिग्ध सामान बरामद नहीं हुआ है, लेकिन अधिकारी हर कोण से जांच कर रहे हैं।
पहले भी आ चुकी हैं झूठी धमकियाँ
गौर करने वाली बात यह है कि 18 अगस्त को दिल्ली के 32 स्कूलों को और 20 अगस्त को लगभग 50 स्कूलों को इसी प्रकार की धमकियाँ मिल चुकी थीं। हर बार सुरक्षा बलों ने तलाशी अभियान चलाया और बाद में ये धमकियाँ केवल अफवाह साबित हुईं। फिर भी बार-बार ऐसी घटनाओं के सामने आने से छात्रों और अभिभावकों के मन में भय का माहौल है।
साइबर सेल कर रही है गहन पड़ताल
दिल्ली पुलिस की साइबर सेल और स्पेशल स्टाफ मिलकर ई-मेल के सोर्स का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि इसके पीछे कुछ शरारती तत्व हो सकते हैं। हालांकि पुलिस ने यह भी संभावना जताई है कि यह किसी संगठित गिरोह की कोशिश हो सकती है, जो सामान्य स्थिति को बिगाड़ने का इरादा रखता है।
सर्विस प्रोवाइडर से मिल रही है मदद
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, ‘‘हम विभिन्न इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स से तकनीकी सहयोग ले रहे हैं ताकि आईपी एड्रेस का पता लगाया जा सके। यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस साल हुई सभी धमकियों का स्रोत एक ही है या अलग-अलग जगहों से ये ई-मेल भेजे गए हैं।’’
आँकड़े बताते हैं चिंताजनक तस्वीर
आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक, जनवरी से अगस्त 2025 के बीच दिल्ली-एनसीआर के लगभग 74 शैक्षणिक संस्थानों को इस तरह की धमकियाँ मिल चुकी हैं। इनमें करीब 70 स्कूल और चार कॉलेज शामिल हैं। लगातार बढ़ते मामलों ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है और अभिभावकों में चिंता गहराती जा रही है।














