
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दो दिवसीय भारत दौरे पर गुरुवार को दिल्ली पहुंचे। उनका स्वागत स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पालम एयरपोर्ट पर किया। उनकी सुरक्षा के मद्देनजर राजधानी के संवेदनशील क्षेत्रों को बहुस्तरीय सुरक्षा घेरे में तब्दील कर दिया गया है।
सूत्रों के अनुसार, पुतिन की सुरक्षा के लिए जी-20 शिखर सम्मेलन 2023 में अपनाए गए प्रोटोकॉल को दोहराया गया। इस दौरान सुरक्षा का मुख्य केंद्रबिंदु उनकी विशेष कार ऑरस सीनेट लिमोज़ीन रही, जिसे रोलिंग बंकर के नाम से भी जाना जाता है। यह कार रूस से विशेष रूप से यात्रा के लिए भारत लाई गई।
पीएम मोदी के साथ पुतिन की कार यात्रा
गुरुवार को एक अनोखा दृश्य देखने को मिला, जब पुतिन ने अपनी कार की बजाय पीएम मोदी की सफेद फॉर्च्यूनर में बैठकर यात्रा की। उनके काफिले में सुरक्षा वाली सीनेट कार पीएम मोदी की कार के पीछे चलती रही।
ऑरस सीनेट रूसी वाहन निर्माता कंपनी ऑरस मोटर्स की लग्जरी कार है, जिसे विशेष सुरक्षा मानकों के अनुसार डिजाइन किया गया है। इसमें स्पाइनर फायरिंग, आईईडी विस्फोट और केमिकल हमलों का सामना करने की क्षमता है। इसके अलावा, रन-फ्लैट टायर और आपातकालीन ऑक्सीजन आपूर्ति की भी सुविधा मौजूद है।
दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था
राष्ट्रपति पुतिन के आगमन से लेकर प्रस्थान तक पूरी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पांच-स्तरीय सुरक्षा ग्रिड लागू किया गया। इसमें भारत के विशेष आतंकवाद-रोधी बल और रूस की आंतरिक एजेंसियों के उन्नत प्रोटोकॉल शामिल हैं।
प्रत्येक होटल और कार्यक्रम स्थल पर विशेष नियंत्रण कक्ष बनाए गए हैं। छतों पर स्नाइपर तैनात हैं, जिनके पास एआई तकनीक से लैस आधुनिक हथियार हैं। कार्यक्रम स्थलों के आसपास ड्रोन-रोधी प्रणालियां भी लगाई गई हैं।
रूस के राष्ट्रपति हवाई यात्रा के लिए इल्युशिन IL-96-300PU विमान का उपयोग करते हैं, जिसे फ्लाइंग क्रेमलिन भी कहा जाता है। यह चार इंजन वाला आधुनिक विमान है, जिसमें उन्नत कमांड सिस्टम और मिसाइल-रक्षा प्रणाली मौजूद है। साथ ही, विमान की सुरक्षा के लिए समान मार्गों पर उड़ान भरने वाले बैकअप जेट भी तैयार रहते हैं।














