
दिल्ली में अब एंड ऑफ लाइफ (EoL) गाड़ियों को लेकर सरकार ने बड़ा और सख्त फैसला लिया है, जिससे लाखों वाहन मालिकों को सतर्क हो जाना चाहिए। नवंबर से राजधानी में इन गाड़ियों को पेट्रोल और डीजल नहीं मिलेगा। यानी 31 अक्टूबर तक ही पुराने वाहनों में पेट्रोल-डीजल भरवाने की सुविधा रहेगी। मंगलवार (8 जुलाई) को हुई CAQM (Commission for Air Quality Management) की बैठक में यह अहम निर्णय लिया गया। जल्द ही डाइरेक्शन 89 का संशोधित आदेश भी जारी किया जाएगा।
दिल्ली ही नहीं, NCR के बड़े शहर जैसे गाजियाबाद, नोएडा (गौतमबुद्ध नगर), गुरुग्राम और सोनीपत में भी 1 नवंबर से यह पाबंदी लागू हो जाएगी। अब पुराने वाहनों के मालिकों को विकल्पों पर गंभीरता से विचार करना होगा।
दिल्ली सरकार की मांग को माना गया – सूत्रों की पुष्टि
दिल्ली सरकार का कहना था कि यदि सिर्फ राजधानी में ही यह पाबंदी लागू की गई, तो पुरानी गाड़ियां पास के राज्यों में जाकर ईंधन भरवाने लगेंगी। ऐसे में योजना का असल उद्देश्य यानी प्रदूषण नियंत्रण प्रभावित होगा। इसी को ध्यान में रखते हुए यह कदम पूरे NCR में एक साथ लागू करने का निर्णय लिया गया।
नो फ्यूल पॉलिसी वापस नहीं, सिर्फ थोड़ी मोहलत – अंदरूनी जानकारी
सूत्रों के मुताबिक, नो फ्यूल पॉलिसी को वापस नहीं लिया गया है, बल्कि इसे लागू करने की तैयारियों को बेहतर करने के लिए थोड़ा वक्त दिया गया है। अब 1 नवंबर 2025 से दिल्ली और आसपास के शहरों में यह पॉलिसी पूरी तरह से प्रभावी हो जाएगी।
तकनीकी दिक्कतों का हवाला – दिल्ली सरकार की दलील
दिल्ली सरकार के पर्यावरण विभाग के सचिव ने बैठक में बताया कि राजधानी में लगाए गए ANPR कैमरों में नंबर प्लेट पहचानने को लेकर कई तकनीकी समस्याएं सामने आ रही हैं। इसके कारण फिलहाल पॉलिसी को लागू करना संभव नहीं था।
इसीलिए सरकार को तीन महीने का वक्त दिया गया है ताकि सभी तकनीकी कमियों को दूर कर इस पॉलिसी को प्रभावशाली तरीके से लागू किया जा सके।














