
दिल्ली के ईस्ट ऑफ कैलाश इलाके में हुई एक वरिष्ठ IRS अधिकारी की बेटी के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। जांच आगे बढ़ने के साथ ही इस सनसनीखेज केस में एक के बाद एक भयावह खुलासे सामने आ रहे हैं। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि मुख्य आरोपी राहुल मीणा ने इस वारदात से एक दिन पहले राजस्थान के अलवर में भी दुष्कर्म की एक घटना को अंजाम दिया था। कम उम्र का यह आरोपी अब लगातार सामने आ रही करतूतों के कारण पुलिस की नजर में एक खतरनाक अपराधी बन चुका है।
साउथ ईस्ट दिल्ली के अमर कॉलोनी इलाके में हुई इस वारदात में आरोपी राहुल मीणा को पुलिस ने 22 अप्रैल को द्वारका क्षेत्र से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद देर रात उससे लंबी पूछताछ की गई, जिसमें उसने जो खुलासे किए, उन्हें सुनकर जांच अधिकारी भी हैरान रह गए और गुस्से से भर उठे।
कैसे रची गई वारदात की पूरी साजिश
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी राहुल को पीड़िता के परिवार की दिनचर्या की पूरी जानकारी थी। उसे यह पता था कि सुबह के समय लड़की के माता-पिता जिम जाते हैं, और इसी समय घर खाली रहता है। वह बिल्डिंग के सुरक्षा सिस्टम, लॉकिंग मैकेनिज्म और एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स से भी पूरी तरह परिचित था।
घटना वाले दिन वह सुबह ही बिल्डिंग में दाखिल हुआ और सीधे उस स्टडी रूम की ओर बढ़ा, जो घर की छत पर अलग से बना हुआ था। पीड़िता UPSC की तैयारी कर रही थी, इसलिए उसे सुबह पढ़ाई के लिए वहां भेजा जाता था। इसी वजह से वह अकेली स्टडी रूम में मौजूद थी, जिसका फायदा आरोपी ने उठाया।
विरोध के बावजूद दरिंदगी की सारी हदें पार कीं
जांच के अनुसार, आरोपी ने लड़की को काबू में करने के लिए पहले उसका गला दबाने की कोशिश की। लेकिन जब पीड़िता ने विरोध किया, तो आरोपी और ज्यादा हिंसक हो गया। उसने पास में रखी भारी वस्तु और लैंप से लड़की के सिर पर हमला किया, जिससे उसके माथे से खून बहने लगा और वह बेहोश हो गई।
इसी बेहोशी की हालत में आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया। वारदात यहीं नहीं रुकी, आरोपी ने आगे लूटपाट की योजना भी बनाई थी।
खून से सनी उंगली से खोला बायोमेट्रिक सिस्टम, फिर भी नहीं मिली कामयाबी
पुलिस के अनुसार, घर में रखा लॉकर बायोमेट्रिक सिस्टम से जुड़ा हुआ था। वारदात के बाद आरोपी ने पीड़िता को स्टडी रूम से घसीटते हुए नीचे वाले कमरे तक ले गया, जहां लॉकर रखा था। वहां उसने खून से लथपथ हालत में पीड़िता की उंगली को जबरन बायोमेट्रिक सिस्टम पर रखा, ताकि लॉकर खुल सके। हालांकि, प्रयास के बावजूद लॉकर नहीं खुल पाया, जिससे उसकी लूट की मंशा पूरी नहीं हो सकी। जांच में सामने आया है कि वारदात के समय पीड़िता का ब्लड सर्कुलेशन लगभग बंद हो चुका था और उसके हाथों पर खून लगा हुआ था। इसी कारण बायोमेट्रिक सिस्टम काम नहीं कर सका और लॉकर अनलॉक नहीं हो पाया। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि उस समय तक लड़की की मौत हो चुकी थी। इसके बाद आरोपी ने शव को कमरे के फर्श पर ही छोड़ दिया और दोबारा लॉकर खोलने की कोशिश में जुट गया।
सूत्रों के अनुसार, आरोपी ने इस बार पेचकस की मदद से लॉकर को तोड़कर खोला और उसमें रखे कैश और ज्वेलरी को बाहर निकाला। लूटपाट के बाद उसने सभी कीमती सामान एक बैग में भर लिया और वहां से निकलने की तैयारी करने लगा।
खून से सने कपड़ों को बदलकर बनाई पहचान छिपाने की कोशिश
पुलिस सूत्रों के मुताबिक वारदात के दौरान आरोपी के पैंट और जूतों पर खून के धब्बे लग गए थे। पहचान छिपाने के लिए उसने अपने खून से सने कपड़े और जूते उतार दिए। इसके बाद उसने घर में मौजूद मृतक के भाई की पैंट पहन ली और वहां रखी एक चप्पल पहनकर खुद को सामान्य दिखाने की कोशिश की। इसके बाद वह मौके से फरार हो गया।
ऑनलाइन गेमिंग और अपराध की आदतों का खतरनाक कनेक्शन
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी को कम उम्र में ही ऑनलाइन जुए और गैंबलिंग की लत लग चुकी थी। वह लगातार ऑनलाइन ‘3 पत्ती’ जैसे गेम खेलकर पैसे जीतने और हारने की आदत में फंसा हुआ था। इसी दौरान उसकी जीवनशैली और मानसिकता पर बुरा असर पड़ा।
सूत्रों के मुताबिक आरोपी की जीवनशैली बेहद अस्थिर थी—वह ऑनलाइन गेम से पैसे कमाता और अपनी आदतों के चलते लड़कियों के संपर्क में रहता था। कई मामलों में वह महिलाओं के साथ आपत्तिजनक व्यवहार में भी शामिल रहा।
अलवर से दिल्ली तक फैला अपराध का सिलसिला
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने 21 अप्रैल को राजस्थान के अलवर में एक शादीशुदा महिला के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया था। इस दौरान उसने महिला को जान से मारने की धमकी भी दी और उसके साथ हिंसक व्यवहार किया। इसके बाद वह तुरंत दिल्ली भाग आया।
अगले ही दिन यानी 22 अप्रैल को उसने दिल्ली में अपने पूर्व मालिक की बेटी के साथ भी इसी तरह की जघन्य वारदात को अंजाम दिया, जिसमें दुष्कर्म के बाद हत्या भी शामिल है।
लूट या पहले से सोची-समझी साजिश? पुलिस की जांच जारी
शुरुआती पूछताछ में आरोपी लगातार यह दावा कर रहा है कि उसका मकसद सिर्फ लूटपाट था। हालांकि जांच कर रहे अधिकारियों का मानना है कि यह केवल लूट का मामला नहीं लगता। पुलिस के अनुसार, यह संभव है कि आरोपी की पीड़िता पर पहले से नजर थी और उसने पूरी योजना के साथ वारदात को अंजाम दिया।
अधिकारियों का कहना है कि एक दिन पहले अलवर में की गई वारदात और फिर तुरंत दिल्ली में हुई घटना इस बात की ओर इशारा करती है कि यह एक सोची-समझी और दोहराई गई अपराध श्रृंखला हो सकती है।
मृतका की पढ़ाई और उपलब्धियां भी आई सामने
इस दर्दनाक घटना के बीच पुलिस सूत्रों ने यह भी जानकारी दी है कि मृतका पढ़ाई में बेहद मेधावी थी। वह 12वीं कक्षा में ऑल इंडिया टॉपर भी रह चुकी थी और UPSC की तैयारी कर रही थी। उसकी शैक्षणिक उपलब्धियां सामने आने के बाद यह मामला और भी ज्यादा भावनात्मक और संवेदनशील हो गया है, जिससे पूरे समाज में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है।













