कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने मंगलवार को बड़ा संगठनात्मक फैसला लेते हुए अपने प्रवक्ता विजेता दहिया को पद से हटा दिया। पार्टी ने उनके कथित आचरण को बेहद असंवेदनशील और आंदोलन की भावना के विपरीत बताया। आरोप है कि दिल्ली में संसद मार्च के दौरान जब CJP के कार्यकर्ता कथित तौर पर पुलिस कार्रवाई और धक्का-मुक्की का सामना कर रहे थे, उसी समय सोशल मीडिया पर विजेता दहिया के कुछ वीडियो वायरल हुए, जिनमें वह बर्गर खाते दिखाई दे रहे हैं। इन वीडियो के सामने आने के बाद पार्टी ने कड़ी नाराजगी जताई और उनके व्यवहार को पूरी तरह अस्वीकार्य करार दिया।
आंदोलन की भावना के विपरीत बताया गया व्यवहार
CJP ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी अपने आधिकारिक बयान में कहा कि कथित ‘बर्गर विवाद’ से जुड़े वीडियो ऐसे समय सामने आए, जब पार्टी के कार्यकर्ता और प्रदर्शनकारी पुलिस की बर्बरता का सामना कर रहे थे। पार्टी का कहना है कि ऐसे संवेदनशील समय में इस तरह का व्यवहार आंदोलन के मूल्यों और संघर्ष की भावना के अनुरूप नहीं माना जा सकता।
पार्टी ने जताई कड़ी आपत्ति
अपने बयान में CJP ने कहा कि वह अपने प्रवक्ता विजेता दहिया के इस कथित असंवेदनशील रवैये की कड़ी निंदा करती है। पार्टी के अनुसार, इस तरह का आचरण सही और गलत के बीच की समझ की कमी को दर्शाता है। CJP ने स्पष्ट कहा कि उनका व्यवहार संगठन के सिद्धांतों, विचारधारा और आंदोलन की मूल भावना के बिल्कुल खिलाफ है, इसलिए इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
सभी आधिकारिक जिम्मेदारियों से किया मुक्त
पार्टी ने घोषणा की कि विजेता दहिया को तत्काल प्रभाव से प्रवक्ता पद से हटाया जा रहा है। साथ ही उन्हें संगठन की सभी आधिकारिक जिम्मेदारियों से भी मुक्त कर दिया गया है। यह पूरा विवाद उस कथित वीडियो के सामने आने के बाद शुरू हुआ, जिसमें विजेता दहिया को दिल्ली के एक लोकप्रिय फास्ट-फूड आउटलेट पर देखा गया। दावा किया गया कि यह वीडियो सोमवार को आयोजित संसद मार्च के दौरान का है। हालांकि, अब तक इस वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
सोशल मीडिया पर गैरमौजूदगी को लेकर उठे सवाल
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर विजेता दहिया की संसद मार्च के दौरान मौजूदगी को लेकर सवाल उठने लगे। कई यूजर्स ने उन्हें निशाने पर लेते हुए कहा कि एक तरफ प्रदर्शनकारी सड़कों पर संघर्ष कर रहे थे और कथित तौर पर लाठीचार्ज का सामना कर रहे थे, जबकि दूसरी तरफ पार्टी के प्रवक्ता बर्गर खाते नजर आए। देखते ही देखते यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया और दहिया को लगातार ट्रोल किया जाने लगा।
विवाद बढ़ने पर विजेता दहिया ने दी सफाई
लगातार हो रही आलोचना के बीच विजेता दहिया ने एक वीडियो जारी कर अपनी सफाई पेश की। उन्होंने कहा कि उन्होंने संसद मार्च में पूरी तरह हिस्सा लिया था, लेकिन जब उन्हें लगा कि मार्च समाप्त हो चुका है, तब वह वहां से निकल गए। इसके बाद उनके बर्गर खाने को लेकर सवाल उठाए जाने लगे, जिस पर उन्होंने कहा कि इसमें कोई असामान्य बात नहीं है।
‘भूख लगी थी, इसलिए बर्गर खाया’
अपनी सफाई में विजेता दहिया ने कहा, "आज सबसे बड़ा मुद्दा यह बना दिया गया है कि मैंने बर्गर क्यों खाया। आखिर कोई बर्गर क्यों खाता है? जब किसी को भूख लगती है तो वह खाना खाता है। मुझे भी काफी भूख लगी थी, इसलिए मैंने बर्गर खाया। इससे ज्यादा इसमें कुछ भी नहीं है।"
‘दो रातों से नहीं सोया था’
विजेता दहिया ने यह भी दावा किया कि सोशल मीडिया पर उनकी आलोचना करने वाले लोग आंदोलन में शामिल कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों की मेहनत और त्याग को नजरअंदाज कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह लगातार दो रातों से नहीं सोए थे और आंदोलन में शामिल कई वालंटियर भी लगातार काम करने के कारण आराम नहीं कर पाए थे। दहिया के मुताबिक, संसद मार्च से निकलने के बाद वह सबसे पहले अपने घर गए, जहां उन्होंने नहाया और उसके बाद खाना खाने के लिए बाहर गए। उनका कहना था कि पूरे घटनाक्रम को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।













